जासं, मल्हनी (जौनपुर): वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय कके राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारियों के ईटीआइ प्रशिक्षण के तीसरे दिन लोगों को प्रशिक्षित करने की बारीकियां बताई गई। इस दौरान आठ विश्वविद्यालयों के एनएसएस अधिकारी प्रशिक्षण में शामिल हुए। वक्ताओं ने युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि संचार माध्यमों की उपयोगिता सभी क्षेत्रों में कारगर है।

क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवायोजना युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के मुख्य प्रशिक्षक डा.अशोक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवायोजना के माध्यम से स्वयंसेवक समाज से जुड़कर समाज की बेहतरी के लिए कार्य कर सकते हैं। राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के समन्वयक एनएसएस डा.समीर सिन्हा ने कार्यक्रम अधिकारियों को ज्ञान परीक्षा प्रश्नावली के आधार पर प्रशिक्षुओं का एनएसएस के प्रति अभिरुचि का परीक्षण किया। प्रयागराज से आये डा.नितेश पुरोहित ने प्रशिक्षुओं को संचार माध्यमों की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। आजमगढ़ से आये डा.विनय सिंह ने मिशन इंद्रधनुष विभिन्न बीमारियों एवं रोकथाम, आयुष्मान भारत योजना, युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया।

स्वागत कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर डा.नीरज कुमार श्रीवास्तव, डा.प्रतिमा सिंह, डा.सुमित कुमार श्रीवास्तव, डा.विनय मिश्रा, डा.सत्येंद्र नाथ सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन डा.अजय सिंह ने किया।

Posted By: Jagran

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