जागरण संवाददाता, जौनपुर : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. लक्ष्मी सिंह ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी व अफीजुल्लाह इंटर कालेज में चल रहे कोविड टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष और पोस्ट नेटल वार्ड भी पहुंची। प्रसव कक्ष पूर्ण रूप से व्यवस्थित दिखा। वार्ड में प्रसव के बाद महिलाएं मौजूद मिलीं। अफीजुल्लाह इंटर कालेज व भर्राहीं इंटर कालेज में 15 से 18 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण की स्थिति देखने पहुंचीं और वहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रमेश चंद्रा से टीकाकरण की स्थिति के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि अफीजुल्लाह इंटर कालेज में 215 लोगों का टीकाकरण हुआ है, जबकि भर्राहीं में कम है जिस पर टीकाकरण की रफ्तार और बढ़ाने पर जोर दिया। बताया कि मकर संक्रांति का त्योहार होने के कारण बच्चे कम आए हैं, लेकिन प्रयास जारी है। सीएमओ ने मौके से ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा तथा जिला शिक्षाधिकारी को टीकाकरण की स्थिति से अवगत कराया। कैलाशनाथ को मृत होने के बाद लगा टीका

जौनपुर : स्वास्थ्य विभाग की बाजीगरी या पोर्टल पर इंट्री में चूक। कोविड संक्रमण से मृत कैलाश नाथ को वैक्सीन की दूसरी डोज लगा दी गई। 14 जनवरी को रात आठ बजे मृत कैलाश नाथ के मोबाइल पर टीकाकरण के मैसेज के साथ ही नेशनल हेल्थ पोर्टल द्वारा भेजी गई और कोविन वेबसाइट से प्रमाण पत्र भी डाउनलोड करने को बोला गया। इतना ही नहीं कोविन वेबसाइट पर लागइन करने के बाद उनका प्रमाण पत्र डाउनलोड किया गया। प्रमाण पत्र पर उन्हें पहला टीका 12 मार्च 2021 को लगा था, जब वह जीवित थे। कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद उनकी मृत्यु दो मई 2021 को हो गई थी। आश्चर्य करने वाली बात यह है कि मृत होने के आठ महीने बाद उन्हें दूसरा टीका 14 जनवरी को धर्मापुर पीएचसी जौनपुर में पूनम यादव द्वारा लगाया गया। टीकाकरण का यह मैसेज अभियान के आंकड़े पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह ने बताया कि पोर्टल पर फीडिग के दौरान चूक हो गई होगी। सत्यता जानने के लिए जांच कराई जाएगी।

Edited By: Jagran