जागरण संवाददाता, सिकरारा (जौनपुर): संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां अराजक तत्वों के निशाने पर आ गई हैं। अब ग्रामसभा भभौरी में सिकरारा-बरईपार मार्ग के किनारे स्थापित आंबेडकर प्रतिमा रविवार की रात खंडित कर दी गई। पता चलते ही गांव के लोग आक्रोशित हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस व ग्राम प्रधान पति ने रातोंरात नई प्रतिमा स्थापित कर मामले को बिगड़ने नहीं दिया।

उक्त मार्ग पर एमपीए पीजी कालेज भभौरी (गोदाम) के पश्चिमी द्वार के बगल मुन्नी लाल गौतम का आवास है। आवास के सामने चबूतरे पर आंबेडकर सेवा समिति ने प्रतिमा की स्थापना कराई थी। मुन्नी लाल के अनुसार रविवार को वह बरात में गए थे। परिवार के अन्य सदस्य शाम को भोजन करके कमरे में सो रहे थे। करीब नौ बजे बाहर से ईंट-पत्थर चलने व अज्ञात लोगों का शोर-शराबा सुनकर घर के सदस्य बाहर निकले तो चार-पांच की संख्या में लोग अपशब्द कहते हुए बाइक से बरईपार की ओर भाग गए। टार्च की रोशनी में देखा गया तो बाबा साहेब की प्रतिमा का ऊपरी भाग टूटकर जमीन पर गिरा था। जिस पिलर पर प्रतिमा स्थापित थी, वह भी टूटा हुआ था। कुछ पत्थर उनके दरवाजे पर भी लगकर गिरे थे। ग्राम प्रधान पति राजेंद्र सिंह ने फोन से सिकरारा थाने पर सूचना दी। थानाध्यक्ष सैय्यद हुसैन मुंतजर मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए रात में ही नई प्रतिमा मंगाकर भोर में पांच बजे उसी स्थान पर स्थापित करा दी। अच्छी बात तो यह थी कि रात होने के कारण अनुसूचित जाति बस्ती के अधिक लोग मौके पर नहीं पहुंचे थे। थानाध्यक्ष ने कहा कि अराजक तत्वों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran