विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जौनपुर से 6, मछलीशहर से 8 पर्चे दाखिल

By Edited By:
Published: Wed, 23 Apr 2014 09:04 PM (IST)

News Article Hero Image

जौनपुर : लोकसभा चुनाव के नामांकन के पांचवें दिन जौनपुर व मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से सर्वाधिक 14 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए। इसमें जौनपुर से सपा से कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, भाजपा से कृष्ण प्रताप सिंह, मछलीशहर से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री, पूर्व विधायक सोमारू राम व बांकेलाल सोनकर प्रमुख हैं।

नामांकन के लिए प्रत्याशी व उनके समर्थकों की सुबह से तैयारी शुरू हो गई। नगर में विभिन्न दलों के कार्यकर्ता टोलियों में झंडे के साथ नारेबाजी करते देखे गए। दस बजे तक नगर में कार्यकर्ता भारी संख्या में एकत्रित हो गए।

जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव के समर्थन में बीआरपी कालेज में सभा का आयोजन किया गया था। श्री यादव यहां से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां चार सेट में अपना पर्चा दाखिल किया। उनके प्रस्तावक के रूप में विधायक शैलेंद्र यादव 'ललई', बाबा दूबे, पूर्व विधायक लाल बहादुर यादव व छोटेलाल पाल थे।

उधर भाजपा प्रत्याशी कृष्ण प्रताप सिंह का जुलूस टाउनहाल के मैदान से चला। जिसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद, विधायक सीमा द्विवेदी तथा पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता व युवा शामिल थे। कृष्ण प्रताप ने प्रस्तावक पार्टी जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह, पूर्व विधायक बांकेलाल सोनकर, आरएन त्रिपाठी के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा पीस पार्टी से सरफराज मतीन, उलेमा कौंसिल से शहाबुद्दीन व निर्दलीय जहीर आलम व मो.युनुस ने पर्चे दाखिल किए।

मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से आज भी भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने नामांकन किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पूर्व सांसद विजय सोनकर शास्त्री, पूर्व विधायक सोमारू राम व बांकेलाल सोनकर ने अपने-अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। इनके अलावा भाकपा के सुभाष चंद्र, अपना दल पिछड़ा के श्रवण कुमार, शक्ति चेतना पार्टी के लालजी भारती, आदर्श राष्ट्रीय विकास पार्टी के सुरेश गौतम तथा निर्दलीय हरिनाथ बेनवंशी ने पर्चा दाखिल किया। बुधवार को महत्वपूर्ण प्रत्याशियों तथा संख्या अधिक होने की वजह से पुलिस की व्यवस्था काफी चुस्त-दुरुस्त रही।