संवाद सहयोगी, माधौगढ़ : ब्लाक क्षेत्र के ग्राम गोहन में बना सचिवालय दुर्दशा का शिकार होने लगा है। कर्मचारियों और प्रधान की अनदेखी के चलते सचिवालय में लगी चौखट खिड़कियां भी लोग उखाड़ ले गए हैं। उसमें लगे शीशे भी टूट गये हैं लेकिन जिम्मेदारों ने आज तक सचिवालय में देखरेख के लिए किसी को भी नहीं रखा। सचिवालय में ताला भी नहीं लगाया जाता है।

ग्राम गोहन में पंचायती विभाग विभाग की कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट ने 15 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2009-10 में सचिवालय की स्थापना कराई थी। मकसद था कि सचिवालय में बैठकर ग्राम सभा की खुली बैठकें कराई जाएंगी। 11 साल बीतने के बाद सचिवालय में साफ सफाई तक नहीं कराई गई है। कुर्सी मेज के साथ ही वाई फाई कनेक्शन भी नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिवालय में लगे दरवाजा खिडकियां भी लोग उखाड़ ले गए थे। उसमें लगे शीशे भी टूट गए हैं। सचिवालय में पुताई जरुर करा दी गई थी जिससे दूर से भवन नया दिखने लगे।

ग्रामीणों की बात

जब से सचिवालय बनाया गया है तब से लेकर आज तक जनता को कोई लाभ नहीं मिला है। न ही कभी ग्राम सभा की खुली बैठकें की गई हैं। अगर इसकी देखरेख सही तरीके से की जाए तो अधिकारी और कर्मचारी यहां बैठक कर सकते हैं।

गजेंद्र राजपूत

जिस जगह पर सचिवालय बनाया गया है उस जगह पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस सचिवालय में खुली बैठकें नहीं की हैं। इसीलिए दुर्दशा का शिकार होने लगा है। अगर किसी व्यक्ति को देखरेख के लिए रख दिया जाता तो सचिवालय बेहतर हो सकता था।

वीरेंद्र पट्टीदार

जिम्मेदार बोले :

सचिवालय में कमियां हैं इसकी कई बार शिकायत मिल चुकी है। उसमें जो भी कमी होगी उसे ठीक कराया जाएगा। जिससे सचिवालय के भवन में बैठकों का आयोजन हो सके।

दीपक कुमार, बीडीओ

Edited By: Jagran