जागरण संवाददाता, उरई : नगर पालिका के अध्यक्ष पर जानलेवा हमले को लेकर हुए बवाल में आम लोगों परेशानी का सामना करना पड़ा। अध्यक्ष के समर्थकों ने न सिर्फ कोतवाली का घेराव किया बल्कि मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। आसानी से जाम न खुल सके इसलिए सरकारी मशीनों का इस्तेमाल तक करने से प्रदर्शनकारी नहीं चूके। तीन जगहों पर नगर पालिका की जेसीबी खड़ी कर दी गईं थी, जिससे वाहनों की आवाजाही न हो सके। करीब ढाई घंटे तक इसकी वजह से जाम लगा रहा। यहां तक कि एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई थी।

सुबह साढ़े दस बजे कोतवाली के सामने बवाल शुरू हुआ। शुरुआत में 10-12 लोग ही नजर आ रहे थे। कोतवाली के सामने उन लोगों ने मुख्य मार्ग पर मोटरसाइकिलें आड़े तिरछे खड़ी कर जाम लगा दिया। थोड़ी ही देर में और लोग आ गए, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। जब नगर पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा कोतवाली पहुंचे तो उनके साथ भाजपा नेताओं के साथ नगर पालिका के ठेकेदार व कर्मचारी खड़े नजर आ रहे थे। हिदू वाहिनी से जुड़े कार्यकर्ता भी आक्रामक अंदाज में सड़क पर आ गए। इसके बाद बवाल बढ़ता नजर आने लगा। पूरी तरह से शहर में यातायात ठप कर दिया गया। कोतवाली के सामने बाइकें जाम लगाया गया था तो स्टेशन पर जाम लगाने के लिए जेसीबी सड़क पर खड़ी कर दी गई थी। एक जेसीबी आंबेडकर चौराहे के पास खड़ी कर दी गई और एक टाउनहाल के पास खड़ी कर दी गई। जबकि गणेशगंज जाने वाली सड़क पर बैरियर लगा दिया गया था। यानी वाहन लेकर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा था।

सभी हुए बेहाल, छोड़ते रहे पसीना

सैकड़ों की संख्या में दो पहिया वाहन, कारें जाम में फंसी रहीं। प्रचंड गर्मी में जाम में फंसे लोगों का बुरा हाल हो रहा था। पुलिस ने सभी जगहों की वीडियोग्राफी कराई है, जिससे कि गैरकानूनी ढंग से जाम लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। उधर प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस ने शुरू से निष्पक्षता से जांच करते हुए अराजकता करने वाले नीरज राजपूत के विरुद्ध कार्रवाई की होती तो आज यह नौबत नहीं आती। लेकिन इस पूरे बवाल के बीच करीब ढाई घंटे आम लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी जिनका इस विवाद से कोई सरोकार नहीं था, यहां तक कि एक एंबुलेंस तक जाम में फंसी रही।

Posted By: Jagran

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