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जालौन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले पर बड़ा एक्शन, 17 सीनियर छात्र तीन महीने के लिए सस्पेंड

Published: Wed, 28 Oct 2026 08:15 AM (IST)

जालौन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले में 2025 बैच के 10 और छात्रों पर कार्रवाई करते हुए कुल 17 एमबीबीएस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 17 एमबीबीएस छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित किया गया।

  2. प्रत्येक निलंबित छात्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

  3. कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प।

जागरण संवाददाता, जालौन। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2026 बैच के एमबीबीएस छात्रों से रैगिंग के मामले में 10 और एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही पिछले सात विद्यार्थियों पर भी कार्रवाई बढ़ाई गई है। अब इन सभी 17 विद्यार्थियों को तीन महीने के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में पहले सात सीनियर छात्रों को एक सप्ताह के लिए शैक्षणिक कक्षाओं, क्लीनिकल ड्यूटी और छात्रावास में रहने से निष्कासित करने के साथ ही प्रत्येक पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा इस मामले की लगातार जांच की जा रही है। कालेज प्रशासन भी रैगिंग मामले को लेकर सतर्क है। अब कमेटी ने सात छात्रों के साथ ही 10 और छात्रों को इस मामले में संलिप्त पाया है। जिसके बाद सभी 17 छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

 गैर कानूूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: प्राचार्य

अभी इस मामले में कुछ जूनियर छात्रों के क्रियाकलापों की जांच भी की जा रही है। जिस तरह से रैगिंग की शिकायत कॉलेज की कमेटी से न करके उच्चाधिकारियों से की गई, साथ ही इंटरनेट मीडिया पर वीडियो डाला गया उससे सभी छात्रों की निजता का उल्लंघन भी हुआ है।

यही कारण है कि जूनियर छात्रों को लगातार चेताया जा रहा है कि वह अनैतिक गतिविधियों से दूर रहें। प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि कॉलेज में किसी तरह की गलत और गैर कानूूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रैगिंग करने पर पूरी तरह रोक है। लगातार जांच चल रही है। जो भी इस मामले में लिप्त पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। जूनियर छात्रों को भी चेतावनी दी गई है कि वह किसी भी सीनियर छात्र को अपने मोबाइल नंबर देने से बचें।

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