संवाद सूत्र, डकोर : कस्बे में आयोजित गणेश महोत्सव के छठवें दिन भक्तों का तांता लगा रहा। गणपति बप्पा अगले बरस तू जल्दी आ के उदघोष के साथ समापन हुआ। भक्तों ने प्रतिमा का विसर्जन किया।

गणेश महोत्सव में भक्तों ने छोटे से पंडाल में गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। जहां पर सुबह से आरती के बाद भजन कीर्तन होते थे। श्रद्धालु भी भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचते थे। महिलाओं और बच्चों ने बुधवार को पंडाल में पहुंचकर पूजा की। इसके बाद भगवान की प्रतिमा को पूरे जयकारे के साथ घुमाया गया। श्रद्धालु अबीर गुलाल उड़ाते हुए गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगा रहे थे। शाम के वक्त श्रद्धा भाव के साथ गणपति की प्रतिमा को नदी में विसर्जित किया गया। आयोजक बृजेश दीक्षित, सुनीता देवी, आचार्य दिनेश शास्त्री, दुष्यंत, आकाश, रजनीश तिवारी, कमलेश तिवारी, संतोष, अंशिका शामिल रहीं। संयम रखने वाले व्यक्ति को मिलती है सफलता

जागरण संवाददाता, उरई :

कोंच बस स्टैंड के पास जैन चैत्यालय में जैन धर्म के अनुयायियों का नौ दिवसीय पर्व चल रहा है। कार्यक्रम के छठवें दिन उत्तम संयम विषय पर लोगों को उपदेश दिया गया।

पं. रामखिलावन जैन ने कहा कि महावीर स्वामी जैन समाज के प्रेरणा स्त्रोत हैं। उन्होंने हमेशा सत्य, अहिसा, परमोधर्मा का उपदेश दया। उनका मानना था कि सभी जीवों पर दया करो। इसी के तहत उत्तम संयम भी हर मनुष्य में होना चाहिए। किसी भी वस्तु या फिर किसी को पाने के लिए संयम नहीं खोना चाहिए। क्योंकि संयम रखने वाला व्यक्ति कभी किसी का अहित नहीं सोचता। हमेशा संयम रखने वाले व्यक्ति को किसी कार्य में नुकसान नहीं होता बल्कि सफलता मिलती है। इस दौरान महावीर जैन, दीपचंद्र जैन, प्रमोद जैन, अरविद जैन सहित कई लोग मौजूद रहे।

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