संवाद सूत्र, महेबा : एक पखवारे से धूप न निकलने से रबी की फसल का विकास रुक गया था। धूप निकलने से फसल के लिए अब बेहतर मौसम आया है जिससे फसल की बढ़वार देख किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

लगभग एक माह का समय गुजर गया कभी बारिश तो कभी ओलावृष्टि से किसानों की लहलहाती फसल को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद कोहरा एवं आसमान पर बादल छा जाने की वजह से एक पखवारे से खुलकर धूप नहीं निकल रही थी। जिसके कारण सरसों, मटर, मसूर, चना आदि फसल को नुकसान पहुंच रहा था। किसानों ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है लेकिन धूप न मिलने की वजह से पौधों की बढ़वार नहीं हो रही थी जिसकी वजह से पैदावार में कमी होने के आसार से किसान चितित थे। जनवरी एवं फरवरी के महीने में ही रबी की फसल फूल एवं फलियां देती है इसी बीच अनाज के दाने भी पल्लवित होते हैं। दो दिन से धूप निकलने के बाद अब फसल का विकास दिन पर दिन हो रहा है जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

मामले में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विज्ञानी डा. राजीव कुमार सिंह का कहना है कि जिस तरह आम जनमानस के लिए धूप लाभदायक है उसी तरह फसल के लिए भी धूप से पोषक तत्व मिलते हैं। धूप निकलने से सभी फसलों को फायदा होगा लेकिन सरसों में मांहू एवं चने में इल्ली का प्रकोप हो सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र जानकारी कर दवा का छिड़काव करें। धूप से मटर की फसल को भी फायदा :

किसानों ने बताया कि बारिश के पहले जो किसान मटर की फसल में चिड़िया वर्षा कर चुके थे उन खेतों में किसानों का काफी नुकसान हुआ था और मटर की फसल पूरी तरह से बेकार हो रही थी। अगर इसी तरह धूप निकलती रही तो मटर की फसल को भी फायदा पहुंचेगा।

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