यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लोकसभा चुनाव 2019 : जानें, जालौन का सफरनामा, कांग्रेस के आखिरी सांसद थे चौ. लच्छीराम
1985 में चौधरी लच्छीराम कांग्रेस के आखिरी सांसद बने थे बाद में भाजपा रही हावी।

जालौन, जेएनएन। जालौन-गरौठा-भोगनीपुर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को तीन दशक से जीत नहीं मिल सकी है। वर्ष 1985 में चौधरी लच्छीराम के बाद कांग्रेस के किसी उम्मीदवार को सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद भाजपा का दबदबा बना रहा। हालांकि इस दौरान सपा-बसपा को भी जीत मिली, हालांकि इस बार सब अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
वर्ष 1952 से 1985 तक हुए लोकसभा चुनावों में इस संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का दबदबा रहा। कांग्रेस ने जिस उम्मीदवार पर दांव लगाया, उसे सफलता मिलती गई। चौधरी रामसेवक तीन बार जीते। वर्ष 1985 में चौधरी लच्छीराम कांग्रेस से आखिरी सांसद साबित हुए। इसके बाद इस संसदीय सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व खत्म सा हो गया। बसपा और सपा का उदय होने से भी राजनीतिक समीकरण बदले और वोटों का ध्रुवीकरण होने लगा, जिसका नुकसान कांग्रेस को हुआ।
लोकसभा चुनाव का सफरनामा
- 1952 में संसदीय क्षेत्र जालौन इटावा -दो सांसद चुने गए कांग्रेस के चौधरी लोटनराम, होरीलाल
- 1957 में संसदीय क्षेत्र जालौन-हमीरपुर - दो सांसद चुने गए कांग्रेस के लच्छीराम व मन्नीलाल द्विवेदी
- 1962 में कांग्रेस के चौधरी रामसेवक
- 1967 में कांग्रेस के चौधरी रामसेवक
- 1971 में कांग्रेस के चौधरी रामसेवक
- 1977 में जनता पार्टी के रामचरण दोहरे
- 1980 में कांग्रेस के नाथूराम शाक्यवार
- 1985 में कांग्रेस के चौधरी लच्छीराम
- 1989 में जनता दल के रामसेवक भाटिया
- 1991 में भाजपा के गया प्रसाद कोरी
- 1995 में भाजपा के भानुप्रताप वर्मा
- 1998 में भाजपा के भानुप्रताप वर्मा
- 1999 में बसपा के ब्रजलाल खाबरी
- 2004 में भाजपा के भानु प्रताप वर्मा
- 2009 में सपा के घनश्याम अनुरागी
- 2014 में भाजपा के भानुप्रताप वर्मा
