जासं, हाथरस : क्रिप्टोकरेंसी का गोरखधंधा बड़े शहरों से छोटे शहरों की रुख कर रहा रहा है। रातोंरात लखपति होने का ख्वाब देख रही युवा पीढ़ी भी इस गोरखधंधे में अपना भाग्य आजमा रही है। सट्टे के बाद युवा पीढ़ी का रुझान इस ओर बढ़ता जा रहा है।

क्या है क्रिप्टोकरेंसी : क्रिप्टो-मुद्रा या क्रिप्टो एक डिजिटल संपत्ति है, जिसे एक्सचेंज के माध्यम के रूप में काम करने के लिए डि•ाइन किया गया है, जिसमें व्यक्तिगत सिक्का स्वामित्व रिकार्ड को एक कंप्यूटरीकृत डेटाबेस के रूप में मौजूदा बहीखाता के रूप में संग्रहित किया जाता है, जो क्रिप्टोकरेंसी के रूप में मजबूत क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करके सुरक्षित रिकार्ड को नियंत्रित करता है। यह आमतौर पर भौतिक रूप में मौजूद नहीं होता है (जैसे पेपर मनी) और आमतौर पर एक केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया जाता है।

ये हैं हालात : शहर और देहात क्षेत्र में सट्टेबाजी का अवैध कारोबार किसी से छिपा नहीं है। इस कारोबार में चोरी छिपे लोग पैसा लगाकर अवैध रूप से मोटी कमाई करते हैं। बदनामी के डर और प्रतिबंधित होने के कारण लोग इससे कतराते हैं। इस बीच आनलाइन निवेश के वैध और अवैध कारोबार भी खूब फल फूल रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी भी ऐसा ही गोरखधंधा है। इसमें मेल आइडी के साथ अकाउंट खोला जाता है। मार्केट के उतार चढ़ाव के आधार पर लेनदेन किया जाता है।

प्रतिबंधित है क्रिप्टोकरेंसी : क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारत में लाए जाने वाले बिल के तहत देश में क्रिप्टो को करेंसी की तरह इस्तेमाल करना प्रतिबंधित हो सकता है। इसके अलावा इस कानून का उल्लंघन करने वालों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकेगा, जिन्हें जमानत भी नहीं मिलेगी।

बिल के सारांश के अनुसार किसी भी व्यक्ति द्वारा डिजिटल करेंसी को 'विनिमय का माध्यम, मूल्य का भंडार और खाते की इकाई के तौर पर माइनिग, जनरेटिग, होल्डिग, सेलिग, अथवा डीलिग जैसी सभी गतिविधियों को सामान्यत: प्रतिबंधित करने की योजना बना रही है। इनमें से किसी भी नियम का उल्लंघन करना 'संज्ञेय अपराध' होगा, जिसका अर्थ है कि बिना वारंट के गिरफ्तारी संभव है, और 'गैर जमानती' है।

Edited By: Jagran