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यूपी बोर्ड 10वीं परीक्षा में बड़ा बदलाव: विज्ञान और गृह विज्ञान में अब प्रैक्टिकल परीक्षा, छात्र-अभिभावक हैरान

Published: Sat, 12 Sep 2026 12:35 PM (IST)

यूपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में बड़ा बदलाव किया है, अब विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में आंतरिक ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. विज्ञान व गृह विज्ञान में आंतरिक मूल्यांकन समाप्त

  2. अब 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा अनिवार्य होगी

  3. छात्रों-अभिभावकों ने अचानक बदलाव पर जताई चिंता

जागरण संवाददाता, हाथरस। यूपी बोर्ड की हाई स्कूल को परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन विज्ञान व ग्रह विज्ञान विषयों का नहीं होगा। इसकी जगह प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी। एग्जामिनर द्वारा दिए गए अंकों को मार्कशीट पर अंकित किया जाएगा। इस विषय के बच्चों को अब बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा देनी होगी।

आंतरिक मूल्यांकन में अब स्कूल के शिक्षक मनमाने तरीके से नंबर नहीं दे पाएंगे। बच्चों को भी मूल्यांकन के भरोसे ही परीक्षा में प्रतिभा दिखानी होगी। अन्य सभी विषयों का आंतरिक मूल्यांकन कराया जाएगा।
यूपी बोर्ड ने कक्षा 10 वीं की परीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। यह बोर्ड परीक्षा शुरू होने के कुछ महा पहले ही हुआ है। शासन के आदेश के तहत अब कुछ विषयों में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था खत्म कर दी है।

इसी सत्र से लागू है प्रयोगात्मक परीक्षा कराने का यह नियम

शिक्षक बताते हैं कि इनमें विज्ञान व गृह विज्ञान विषयों में स्कूल स्तर पर अब कोई मूल्यांकन नहीं होगा। इसकी जगह प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी। इन दोनों विषयों में अब 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा अलग से आयोजित कराई जाएगी। अब बच्चों को अंकों के लिए स्कूल के शिक्षक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें 30 अंक पाने के लिए बाहर से आने वाले एक्जामिनर के समक्ष बेहतर प्रदर्शन करना होगा। प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद ही उन्हें यह अंक मिलेंगे।

स्कूल स्तर पर ही होता था विज्ञान और गृह विज्ञान का मूल्यांकन

पुरानी व्यवस्था के तहत स्कूल स्तर पर ही हाईस्कूल में सभी विषयों के प्रयोगात्मक कार्यों का मूल्यांकन किया जाता था। इसके लिए पांच प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग का इस्तेमाल होता था और इस ग्रेड को अंकपत्र में भी दर्ज किया जाता था। अब विज्ञान व गृह विज्ञान के मामले में यह व्यवस्था बदल गई है। बदले नियमों में30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा बोर्ड की ओर से अलग से आयोजित की जाएगी। अन्य विषयों का आंतरिक मूल्यांकन पहले की तरह होगा।

ये है जिले की स्थिति

  • हाईस्कूल की परीक्षा में जिले के करीब 20 हजार बच्चों देनी होगी विज्ञान व ग्रह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा
  • विज्ञान व गृह विज्ञान विषय में आंतरिक मूल्यांकन की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है
  • विज्ञान व गृह विज्ञान विषय के लिए 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा परीक्षक द्वारा ली जाएगी।

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बोले विद्यार्थी
'हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा से पहले विज्ञान व गृह विज्ञान का आंतरिक मूल्यांकन समाप्त करना उचित नहीं है। इसे अगली परीक्षा से लागू किया जाना था। - विनोद, छात्र'

'बोर्ड द्वारा मनमानी के तहत यह नियम लागू किया गया है। इससे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त भार अचानक आ गया है। अब प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी अलग से करनी पड़ेगी। - कृष्णा सिंह, छात्र'

'यूपी बोर्ड की परीक्षा में अचानक बदलाव ठीक नहीं है। बच्चों पर तैयारी का अधिक बोझ होगा। मानसिक रूप से भी बच्चे परेशान हो जाएंगे। इसे अगली परीक्षा में शामिल करना चाहिए। - राजेश कुमार, अभिभावक'

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यूपी बोर्ड में अब हाईस्कूल की परीक्षा में विज्ञान व गृृह विज्ञान विषयों का आंतरिक मूल्यांकन नहीं होगा। इसकी जगह प्रयोगात्मक परीक्षा बोर्ड द्वारा कराई जाएगी। इसकी जानकारी सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को देदी गई है।

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नीरज गोयल, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक हाथरस।

परीक्षा में बदलाव होना ठीक नहीं है। सभी विषयों में दो विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा का कोई औचित्व नहीं है। बोर्ड को इस अपने इस निर्णय पर एक बार फिर विचार करना चाहिए।