संवाद सहयोगी, हाथरस : रमनपुर-जोगिया मार्ग को जलभराव ने बर्बाद कर दिया। सड़क पर बने गहरे गढ्डों के कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सर्वाधिक दिक्कतें स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ रही हैं। इस मार्ग का प्रस्ताव होने बाद भी अभी तक इसका निर्माण नहीं किया गया।

शहर में रमनपुर-जोगिया मार्ग पर बसी बस्तियों के निस्प्रयोज्य जल की निकासी की व्यवस्था न होने से पानी सड़क पर ही जमा होता है। यह मार्ग शहर व बाइपास जाने के लिए स्थानीय लोगों का प्रमुख मार्ग है। करीब 30 फीट चौड़े इस मार्ग पर बहुतेरे गड्ढे हैं। इन दिनों लगातार हो रही बारिश भी समस्या बढ़ा रही है। कई जगह जलभराव से पूरी सड़क डूबी हुई है। समस्या से बचने के लिए राहगीरों को काफी घूमकर जाना पड़ रहा है। चार साल से यह समस्या विकराल बनी हुई है।

इस रास्ते से जुड़े हैं 20 गांव :

रमनपुर-बाइपास मार्ग से इगलास रोड व बाइपास के आसपास के करीब 20 गांव जुड़े हुए हैं। दूध विक्रेता, दुकानदार, विद्यार्थी व अन्य राहगीरों के लिए यह मुख्य रास्ता है। दिन में कई बार लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इसमें ई-रिक्शा, बाइक, ट्रैक्टर, कार भी पानी में फंस जाती हैं। समाधान के लिए किया प्रदर्शन

जलभराव की समस्या के समाधान की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने जलभराव वाले स्थल के पास खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। सड़क को जल्द सुधारने की मांग की। इनका कहना है

सड़क पर जलभराव की समस्या काफी दिनों से बनी हुई है। इस रास्ते से होकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का शहर के लिए आवागमन होता है। अब उन्हें भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

-मनोज जलभराव में जोगिया मार्ग की यह सड़क पूरी तरह डूब गई है। इसमें आए दिन बाइक, कार व अन्य वाहन फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हो रहा।

- कृष्णादेवी जलभराव होने से स्थानीय लोगों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बाइपास जाने के लिए यही एक मार्ग है। इसे भी कई वर्षाें से सही नहीं कराया जा रहा है। सड़क के साथ नाली भी बने।

-सुशील कुमार सेंगर कई बार जलभराव की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई। सीमा विवाद बताकर विभागीय अधिकारी समस्या को अनदेखा कर रहे हैं। इससे यहां के लोग बहुत परेशान हैं।

-प्रेमपाल सिंह जलभराव की समस्या का निराकरण सड़क बनने के बाद हो सकेगा। इसके लिए जिलाधिकारी को भी कई बार पत्र लिखा गया है। नगर पालिका से भी समस्या दूर कराने की गुजारिश की गई।

- निशांत उपाध्याय, सभासद

Edited By: Jagran