संवाद सूत्र, हाथरस : सादाबाद में वेदई ग्राम पंचायत के गांव नगला हट्टी में गरीब परिवार की एक बच्ची के लिए बीमारी काल बन गई। कई दिन से बीमार बच्ची ने उपचार के अभाव में सोमवार को दम तोड़ दिया। उसकी छोटी बहन को आगरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव वालों ने भूख से बच्ची की मौत की बात उड़ाई तो प्रशासनिक अफसर गांव के लिए दौड़ पड़े। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बीमारी से ही मौत की पुष्टि की है।

गांव निवासी भूरी ¨सह कोल्ड स्टोरेज में पल्लेदार हैं। घर में पत्नी व पांच बेटियां हैं। भूरी ¨सह ने बताया कि उनकी बेटी खुशी (8) व अनू (5) को तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। आर्थिक तंगी के कारण परिजन दोनों बेटियों का बेहतर उपचार नहीं करा पा रहे थे। सोमवार की शाम खुशी झाड़ू लगा रही थी, तभी बेहोश हो गई। इससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच अनू भी बेहोश हो गई। दोनों को सीएचसी ले जाया गया, जहां से इन्हें आगरा रेफर किया गया। आगरा के अस्पताल में खुशी को मृत घोषित कर दिया गया। अनू को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर गांव में भूख के कारण मौत का हल्ला मचा तो एसडीएम ज्योत्सना बंधु गांव पहुंच गईं। एसडीएम ने बिलखते परिवार को सांत्वना दी तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया। देर शाम खुशी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

इधर,भूरी ¨सह की सबसे बड़ी बेटी प्रिया (9) नगला जसुआ, गुतैरा स्थित ननिहाल में थी। बहन की मौत की खबर पर वह भी गांव आ गई। उसे भी बुखार आ रहा था। एसडीएम ने बच्ची के उपचार के निर्देश डॉक्टरों को दिए। वर्जन-

बच्ची की मौत बुखार से हुई है। उसकी छोटी बहन को आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आगरा की एडीएम को भेजकर बच्ची की हालत की जानकारी ली गई। डॉक्टरों ने उसे मलेरिया बताया है। बच्ची को बेहतर उपचार दिलाया जाएगा।

-डॉ. रमाशंकर मौर्य, जिलाधिकारी हाथरस।

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