जासं, हाथरस : पिछली साल आलू से मोटा मुनाफा कमा चुके किसानों को अब आलू के भाव में मंदी टेंशन बढ़ा रही है। पिछली साल की तुलना में इस बार फुटकर में 20-25 रुपये प्रति किलो सस्ता बिक रहा है। थोक में आलू और सस्ता बिक रहा है। उधर, भाव बढ़ने के इंतजार में किसान आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। अभी तक एक चौथाई आलू की कोल्ड स्टोर से निकासी नहीं हुई है। वहीं हरी सब्जियों के दाम महंगे चल रहे हैं।

जनपद में आलू की पैदावार बढ़े पैमाने पर होती है। सादाबाद व सासनी तहसील में आलू का उत्पादन अधिक होता है। यहां चिप्सोना, 3797, शुगर फ्री, टी-7, सूर्या, कुफ्री प्रजाति के आलुओं की मांग रहती है। पिछली साल आलू फुटकर 60 रुपये प्रति किलो तक बिक गया था। इससे आलू उत्पाद किसानों की अच्छी कमाई हुई थी। इसे देखते हुए इस बार भी किसानों ने बड़ी तादाद में आलू का उत्पादन किया है। किसान आज भी इस इंतजार में हैं कि आलू के दाम बढ़ सकते हैं, मगर उनकी उम्मीदों के हिसाब से हालात विपरीत चल रहे हैं। कोरोना काल के कारण लाकडाउन के कारण व्यावसायिक स्तर पर आलू की मांग कम रही है। हालांकि सहालग के साथ होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, चाट की दुकानें खुल चुकी हैं लेकिन उतनी खुलकर मांग नहीं आ रही है। बाहर से भी मांग नहीं आ रही है। इसका असर आलू के भावों पर पढ़ रहा है। जानकार बताते हैं कि फुटकर में इन दिनों आलू के भाव 35-40 रुपये प्रति किलो तक रहे थे, लेकिन अब 15 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। आढ़ती दीपक गुप्ता ने बताया कि कोरोना के कारण लगे लाकडाउन के कारण बाहर और स्थानीय स्तर पर आलू की मांग कम हुई है।

बोले किसान

आलू के भाव नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से कोल्ड स्टोरेज से आलू नहीं निकाल रहे हैं। जब भाव सही मिलने लगेंगे तभी आलू निकालकर बेचेंगे।

अजीत चौधरी, किसान

मंडी में आलू के भाव नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में किसान के सामने दुविधा है कि वह सस्ते में आलू बेचकर घाटा उठाए या फिर इंतजार करे। ऐसे ही हाल रहे तो नुकसान उठाना पड़ेगा।

लालता प्रसाद, किसान

आलू लेने के लिए न तो किसान आ रहे हैं और न ही व्यापारी। आज बोली का दिन था। कोई नहीं आया है। आलू का उठान नहीं हो रहा है। बाजार में आलू के भाव सस्ते मिल रहे हैं। इस समय 400-450 रुपये प्रति पैकेट आलू बिक रहा है।

नवनीत वाष्र्णेय, मैनेजर, कोल्ड स्टोरेज

Edited By: Jagran