संवाद सूत्र, हाथरस : किसी भी घटना के बाद चंद मिनट में ही मौके पर पहुंचने का दम भरने वाली सिकंदराराऊ पुलिस गुरुवार रात एक बजे हुई हर्ष फायरिग में युवक की मौत के चार घंटे बाद मौके पर पहुंची। इसके बाद सीएचसी में रखे शव को कब्जे में लेना भी मुनासिब नहीं समझा। शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे परिजनों ने जाम लगाया तब खाकी की आत्मा जागी। तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों का सब्र टूट चुका था। दो घंटे की जिद्दोजहद के बाद जब एएसपी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाम खोला गया।

ये रही घटना : गाव भुर्रका में गुरुवार रात सगाई समारोह में हर्ष फायरिंग से कस्बे के युवक देवेंद्र (27) की मौत हो गई थी। तब किसी ने तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी। जिस हलवाई के साथ देवेंद्र वहां काम करने गया था, वही उसे लेकर सीएचसी पहुंचा। युवक के मृत घोषित कर दिए जाने के बाद यहां से पुलिस तक बात पहुंची। बताया जाता है कि पुलिस सूचना पाकर भी तत्काल एक्शन में नहीं आई और सगाई समारोह करने वालों को छिपने का पूरा मौका दिया। नियम है कि हर्ष फायरिग में सीधे-सीधे आयोजक की जवाबदेही होती है, मगर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

लोग जुटते रहे, पुलिस सोती रही :

सीएचसी में डॉक्टर ने देखते ही देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद देवेंद्र का शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बरामदे में रखा रहा। देर रात से सुबह तक देवेंद्र के परिजन और रिश्तेदार जमा होते रहे। पुलिस ने इसे संज्ञान नहीं लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की जहमत तक नहीं उठाई। जब सुबह नौ बजे तक देवेंद्र पक्ष के काफी लोग जमा हो गए तब गुस्साए लोगों ने पुलिस की लेट-लतीफी और संवेदनहीनता को लेकर शव कासगंज रोड पर मोहल्ला नौखेल के पास बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कासगंज रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इसके बाद क्त्राइम निरीक्षक योगेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके की नजाकत देखते हुए हाथरस जंक्शन कोतवाल विनोद कुमार, हसायन के कोतवाल डीके सिसोदिया भी पुलिस बल के साथ आ गए। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग पुलिस की कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं थे। उनमें भारी आक्त्रोश था। करीब दो घंटे की मान-मनौवल के बाद भी जाम नहीं खुला तब अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। कोतवाली पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कार्यक्त्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर आरोपितों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी। शस्त लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। एक को लिया हिरासत में

राकेश पुत्र लटूरी सिंह की सगाई के दौरान हुई हर्ष फायरिग की घटना के बाद पुलिस के पहुंचने तक सगाई वाले घर से सभी लोग फरार हो गए थे। पुलिस को मौके से सिर्फ राकेश के ताऊ राजवीर सिंह ही मिले, जिन्हें पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में ले लिया, मगर फायरिग करने वाले का पता नहीं लगा पाई।

देवेंद्र के जाने से परिवार के सामने खड़ा हो गया रोजी रोटी का संकट

संसू, सिकंदराराऊ : हर्ष फायरिग का शिकार हुआ देवेंद्र उर्फ गोरेलाल अपने माता-पिता की अकेली संतान था। उसी के सहारे परिवार की रोजी-रोटी का जुगाड़ चल रहा था। उसकी मजदूरी से ही परिवार पल रहा था। वह हलवाई के साथ मजदूरी पर काम करने के लिए जाता था। एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी। अभी कोई बच्चा नहीं है। अब उसके परिवार में बुजुर्ग माता -पिता के अलावा उसकी पत्‍‌नी ही है। 27 वर्षीय देवेंद्र की मौत से पूरा परिवार सदमे में आ गया है। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जाम स्थल पर माता-पिता एवं पत्‍‌नी तीनों का रो-रोकर बुरा हाल था। लोगों ने बताया कि देवेंद्र के पिता अक्सर बीमार रहते हैं। परिवार की जिम्मेदारी उठाने लायक अब कोई नहीं है। इस परिवार के प्रति सभी की संवेदना उमड़ रही थीं। सबकी आखें नम थीं।

हर्ष फायरिंग का सिलसिला

संसू, सिकंदराराऊ : गुरुवार रात गाव भुर्रका में हर्ष फायरिंग से युवक की मौत के बाद एक बार फिर बेलगाम घटनाओं की चर्चा चली। दो वर्ष पूर्व गाव नगला मसंद में शादी समारोह के दौरान दरवाजे की रस्म के समय की गई हर्ष फायरिंग के चलते एक बच्चे की मौत हो गई थी। सात फरवरी 2018 को गाव जिरौली कलां में एक शोभायात्रा निकालने के दौरान की गई हर्ष फायरिंग से रविंद्र सिंह (46) की मृत्यु हो गई थी तथा एक व्यक्ति घायल हुआ था। तीन माह पूर्व गाव गंथरी शाहपुर में भी सगाई समारोह के दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया था। बार-बार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति के बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे।

Posted By: Jagran

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