जागरण संवाददाता, हाथरस : वर्ष 2003 से बंद हरि आई हॉस्पिटल का संचालन मंगलवार से शुरू हो जाएगा। मंडलायुक्त अलीगढ़ अजयदीप ¨सह और जिलाधिकारी डॉ. रमाशंकर मौर्य इसका शुभारंभ करेंगे। स्वास्थ्य मेला भी लगाया जाएगा। इस हॉस्पिटल के पुन: संचालन में समाजसेवी मधुशंकर अग्रवाल का विशेष योगदान रहा है।

27 जनवरी 2018 को तत्कालीन जिला जज ने अपने आदेश में अस्पताल की संशोधित डीड को स्वीकार किया था। 21 फरवरी को जिला अस्पताल के सीएमएस ने रजिस्ट्री आफिस में जाकर डीड को रजिस्टर्ड करा दिया। इसके तहत जिलाधिकारी को हरि आई हॉस्पिटल ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा सीएमओ को पदेन सचिव, सीडीओ उपाध्यक्ष, सीएमएस को संयुक्त सचिव, जिला कोषागार अधिकारी कोषाध्यक्ष हैं। सांसद, विधायक, चेयरमैन को भी सदस्य नामित किया गया है। इस नई डीड में समाजसेवी मधुशंकर अग्रवाल को गवाह बनाया गया है। मधुशंकर अग्रवाल ने अपने बेटे सौरभ अग्रवाल एडवोकेट के साथ मामले की पैरवी की और अब उनका सपना साकार हो रहा है। ये अस्पताल की हकीकत

-हरिआई हॉस्पीटल की शुरुआत 14 मई 1945 को डॉ. हरिवंश लाल ने किराये के भवन में की।

-पांच अप्रैल 1952 को देश के प्रथम राष्ट्रपति महामहिम डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने आगरा रोड स्थित नई इमारत में अस्पताल का उद्घाटन किया।

- 31 मार्च 1955 को ट्रस्ट बनाकर अस्पताल को प्राइवेट से सार्वजनिक कर दिया गया।

- वर्ष 2003 में अस्पताल को सील कर दिया गया था।

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मैंने निस्वार्थ लड़ाई लड़ी है। मैं चाहता हूं कि हरिआई हॉस्पीटल का संचालन हो। मगर मैं इसकी पैरवी नहीं करता तो आज अस्पताल पुन: संचालित नहीं हो पाता। मेरी इच्छा है कि हाथरस जनपद के लोग अस्पताल संचालन कराने में अपनी मदद करे। ताकि गरीब और असहाय लोगों को इलाज मिल सके।

मधुशंकर अग्रवाल, समाजसेवी

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आज अस्पताल की शुरुआत करा दी जाएगी। इसमें फिलहाल होम्योपैथिक चिकित्सक तैनात किया गया है। नेत्र चिकित्सक भी जल्द तैनात किया जाएगा। सरकार और समाज के लोगों के सहयोग से अस्पताल का संचालन किया जाएगा।

- डॉ. रमाशंकर मौर्य, अध्यक्ष हरि आइ हॉस्पिटल ट्रस्ट।

Posted By: Jagran

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