संवाद सहयोगी, हाथरस : कोरोना वायरस के नए रूप में दस्तक के आभास से स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। कोविड अस्पतालों में बंदोबस्त पूरे किए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम पर भी चौकसी बरती जा रही है। कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।

जनवरी 2020 से कोरोना संक्रमण कहर बरपा रहा है। जिले में कोरोना की वजह से करीब 43 लोग जान गंवा चुके हैं। एक बार फिर से कोरोना वायरस ने पड़ोसी जनपदों में दस्तक दे दी है। इससे स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं। प्रदेश मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों पर अमल शुरू हो गया है।

जिला मुख्यालय पर स्थित कोविड कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। कोरोना के ओमिक्रोन वायरस का खतरा देख विदेशों से आने वाले लोगों की जानकारी एयरपोर्ट के माध्यम से सरकार को दी जाएगी। यदि हाथरस जिले का कोई व्यक्ति संक्रमित निकलता है तो उसे पहले एयरपोर्ट के निकट कोविड अस्पताल में ही आइसोलेट किया जाएगा। सात दिन बाद जब उसकी रिपोर्ट निगेटिव आती है और वह व्यक्ति हाथरस आता है तो उसे अगले सात दिन के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उसकी निगरानी करेंगे। चार एल वन व एक एलटू तैयार

कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सासनी, हसायन, महौ और सहपऊ में 30-30 बेड का एल वन हास्पिटल तैयार किया जा रहा है। वहीं कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को एल टू हास्पिटल जिला अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। जहां आइसीयू के अलावा आक्सीजन की व्यवस्था रहेगी। इनका कहना है

कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। चार एल वन व एक एलटू हास्पिटल में व्यवस्था पूरी की जा रही है।

डा. सीएम चतुर्वेदी, सीएमओ, हाथरस।

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