जासं, हाथरस : छह दिन पूर्व बारिश के लिए तरस रहे शहर और गांव के लोगों के लिए अब बादलों को देखकर डर लगने लगा है, क्योंकि बारिश से हुए जल जमाव के चलते अब तबाही के मंजर दिखने लगे हैं। घरों में घुसे पानी से मकान और दीवारें गिर रही हैं। खेतों में फसलें डूबी हुई हैं। रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में लोग अब बारिश से राहत की दुआ कर रहे हैं।

जुलाई के दूसरे सप्ताह में शनिवार तक भीषण गर्मी के कारण लोग परेशान थे। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार रविवार की दोपहर से मानसून ऐसा सक्रिय हुआ कि रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। शहर व कस्बों की गलियों से लेकर गांवों के दगड़ों व खेतों तक में पानी भर गया है। इसका असर इंसानी जिदगी के साथ फसलों पर भी पड़ रहा है। अगैती बोई गई धान की फसलें डूब रही हैं। सब्जियों की फसलों को नुकसान हो रहा है। सासनी क्षेत्र से गुजरने वाला गंदा नाला और सिकंदराराऊ क्षेत्र से गुजरने वाली ईशन नदी ओवरफ्लो होने से किसानों की फसलें डूबकर बर्बाद हो रही हैं। जिन घरों के आसपास पानी भरा है उनकी छतें व दीवारें गिरने लगी हैं। इससे घरों के अंदर सोने वालों को डर लग रहा है। पिछले दिनों हुए हादसों में लगभग 15 लोग घायल हो चुके हैं। मौसम जैसे ही खुलता है, दीवारें चटकने लगती हैं। कच्चे मकानों और टिन शेड में रहने वालों के लिए अधिक मुसीबत है। उधर, गांवों में बुर्जी व बिटोरों को भी नुकसान हो रहा है। अधिक पानी भरने से बहने लगे हैं। यह बारिश पशुओं के लिए भी मुसीबत बन गई है। खुले में दलदली जगह में बंधे मवेशी बीमार पड़ रहे हैं। पानी भरने से उनके लिए बैठने तक की जगह नहीं है।

सिकंदराराऊ से गुजरने वाले जीटी रोड का भी बुरा हाल है। पंत चौराहे से लेकर एटा रोड की ओर आगे तक चौड़े व गहरे गड्ढे हो गए हैं। यहां रोजाना वाहन पलट रहे हैं। मिट्टी और गिट्टी डालने के बाद पानी पड़ने पर स्थिति और खराब हो जाती है। हसायन क्षेत्र में लिक रो़ड की स्थित भी बहुत खराब है। बिजली संकट गहराया

बारिश के कारण बिजली संकट भी बढ़ता जा रहा है। जर्जर लाइन व ट्रांसफार्मर की खराबी के कारण ब्रेकडाउन हो रहे हैं। एक स्थान पर फाल्ट सही होता है तो दूसरे स्थान पर फिर हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्र की हालत तो बहुत खराब है। लोग मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पा रहे हैं।

घरों व मंदिर परिसर में

घुसा बारिश का पानी

संसू, पुरदिलनगर : कस्बे के मोहल्ला ब्राह्मणपुरी में एक विशाल तालाब है, जिसे लोग मुहारी के नाम से जानते हैं। इसकी कभी भी सफाई न होने से उसमें झाड़ियां उग आई हैं तथा अतिक्रमण के कारण तालाब उथला-संकरा हो गया है। इसमें आधे से अधिक कस्बे का पानी आता है और बरसात के दिनों में इससे सटे मोहल्ले रामनगर कालोनी, ब्राह्मणपुरी, पतली गली व जलेसरी गेट में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस वर्ष लगातार बारिश से ब्राह्मणपुरी सहित आधे से अधिक कस्बे में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। घरों में भी पानी भर गया है। ब्राह्मणपुरी में स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में घुटनों तक पानी भरा होने से पूजा अर्चना करने में भी लोगों को व्यवधान हो रहा है। भूपेंदर शर्मा, ज्ञानी पंडित, डा. शैलेन्द्र कुमार त्रिवेदी, लाला अवधेश, गौरीशंकर शर्मा के मकानों में तीन दिन बाद भी पानी भरा है। लोगों ने एसडीएम मनोज कुमार सिंह को ज्ञापन देकर जलभराव की समस्या से शीघ्र निजात दिलवाने की मांग की है। तालाब और नालियों पर

कब्जा, डूब रही फसलें

संसू, सिकंदराराऊ : क्षेत्र के गांव नाई नगला ताहर में सरकारी तालाब व नालियों पर दबंगों के कब्जा कर लेने से ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल जलजमाव की शिकार हो गई है। ग्रामीण अपने खेत तक नहीं जा पा रहे हैं और पशुओं के बैठने के लिए भी जगह नहीं बची है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान ने तहसीलदार को पत्र लिखकर राहत की मांग की है। ग्राम प्रधान विवेक कुमार पुंढीर ने कहा है कि गांव में ग्राम समाज की जमीन, तालाब व नालों को दबंगों ने पक्के निर्माण कराकर बंद कर दिया है, जिससे बरसात के पानी का निकास अवरुद्ध हो गया है। जलभराव से आम लोगों का रास्ता बंद हो गया है। किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। गांव के दबंग व भू माफिया सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिए हैं। इसकी जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सिकंदराराऊ में घर व दुकानों में घुसा पानी

संसू, सिकंदराराऊ : हाथरस रोड स्थित शिव कालोनी, अनल कालोनी, खिजरगंज, हुरमतगंज के साथ-साथ नगर के बाजारों में भी बरसात होने पर गंदा पानी मकानों व दुकानों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे यहां के हालात नारकीय बने हुए हैं। शिव कालोनी में जलभराव के कारण लोगों के निकलने के लिए रास्ता नहीं बचा है। शिव कालोनी के लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में कालोनी का हाल बेहाल हो जाता है। कालोनी के पानी के निकास के लिए उचित प्रबंध किए जाने जाहिए।

Edited By: Jagran