कमल वाष्र्णेय, हाथरस : घनी आबादी के बीच अमित कुमार गौतम की निर्मम हत्या कर दी गई। हैरानी की बात है कि बीच चौक में हुई इस घटना का कोई चश्मदीद पुलिस को नहीं मिला। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास पूछताछ की, लेकिन किसी ने मुंह नहीं खोला। इसी बात को लेकर पूरे मोहल्ले के खिलाफ परिजन आक्रोश से भरे थे। पोस्टमार्टम हाउस पर मां व पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था।

अमित गौतम चार भाइयों में सबसे बड़ा था। स्नातक करने के बाद अमित ने डिप्लोमा किया था। वह ठेकेदारी पर पीओपी का काम कराता था। ढाई साल पहले मैनपुरी के कुरावली में उसकी शादी हुई थी। अभी उस पर कोई संतान भी नहीं थी। हां, पत्नी गर्भ से जरूर है। अमित घर चलाने के साथ-साथ पत्नी रूबी को पुलिस में नौकरी दिलाने के लिए तैयारी करा रहा था। उसका प्रयास था कि वह आत्मनिर्भर बने। पिता राजकुमार ने बताया कि अमित की किसी से दुश्मनी नहीं थी, लेकिन मस्जिद चौक के रहने वाले आलम व उसके साथी उससे खुन्नस मानते थे। जानबूझ कर उससे उलझते थे। आरोप है कि 27 जनवरी की शाम को अमित बाइक से घर आ रहा था। रास्ते में आलम व उसके साथियों ने उसे रोक लिया तथा अभद्रता की। राजकुमार ने बताया कि झगड़ा होने पर वे खुद मौके पर पहुंचे थे तथा मामला शांत कराया था। उन्हें नहीं पता था कि वे लोग बेटे की जान के दुश्मन हैं। मंगलवार को सुबह मस्जिद चौक में आरोपियों के घर के पास ही अमित का शव मिला। यहां जगह-जगह दीवारों पर व सड़क पर खून के निशान थे। नाली में टूटे डंडे भी मिले। निर्माणाधीन मकान का गेट टूटा पड़ा था। जाहिर है कि हत्या कई लोगों ने मिलकर की और इस दौरान काफी शोर भी हुआ होगा। अमित भी बचाव में चिल्लाया होगा। हैरानी की बात है कि मोहल्ले में उसकी चीख किसी ने नहीं सुनी।

इस घटना के बाद मोहल्ले में सन्नाटा छा गया। यही सन्नाटा इस बात का गवाह रहा कि लोग जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। इसी कारण मृतक के पिता, भाई व दोस्त नाराज नजर आए तथा चीख-चीख कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कड़ी सुरक्षा में हुई अंत्येष्टि

हाथरस : पोस्टमार्टम के बाद अमित के शव को अलीगढ़ रोड स्थित अंबेडकर पार्क, खंदारी गढ़ी ले जाया गया। जहां कड़ी सुरक्षा में शाम को अंत्येष्टि की गई। दोपहर को ही शव खंदारी गढ़ी पार्क में पहुंच गया था, लेकिन उसकी बहन व अन्य रिश्तेदारों के आने का इंतजार किया गया। मृतक के मामा पुलिस में सीओ हैं तथा ससुर यूपी पुलिस में दारोगा। सभी रिश्तेदारों के आने के बाद पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एएसपी व कई थानों का फोर्स मौजूद रहा।

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