जागरण संवाददाता, हाथरस : हुजूर, जब राशन कार्ड बनवाया था तब आर्थिक स्थिति बढि़या नहीं थी, मगर मेहनत करके घर भी पक्का बन गया और भीषण गर्मी के चलते एसी भी लगा है। जुगाड़ करके एक छोटी सी कार भी ले ली है। इसलिए अब मुफ्त का राशन नहीं चाहिए। ये कहते हुए साकेत कालोनी के अरुण कुमार ने अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दिया। इसी तरह से बगुली कमालपुर की शकुंतला देवी ने कहा कि पति श्याम सिंह पर एकनाली बंदूक है। पक्का मकान भी है। इसलिए अब नहीं चाहिए मुफ्त का राशन। ऐसे तमाम लोग अब डीएसओ दफ्तर और तहसील मुख्यालय पर रोजाना आकर राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं। दो सप्ताह के दरम्यान राशनकार्ड सरेंडर करने वालों की संख्या 2200 पार हो गई। आगे भी ये संख्या बढ़ने की उम्मीद है। राशनकार्ड के लिए

काट रहे चक्कर

रोजाना जिला पूर्ति कार्यालय से लेकर तहसील पूर्ति कार्यालय तक में गांव के तमाम लोग ऐसे आते हैं जिनके राशन कार्ड नहीं बने हैं। ऐसे लोगों की संख्या 10 हजार से भी ऊपर है, मगर विभाग का कहना है कि जो अपात्र लोग हैं वह अपना राशन कार्ड सरेंडर करें तो गरीबों के कार्ड बनवाए जा सकें। हालांकि राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बेहद आसान है। आनलाइन भी राशन कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है, मगर हकीकत यह है कि मुफ्त राशन योजना का लाभ गरीबों से ज्यादा ऐसे लोग उठा रहे हैं जिनके पास पक्का मकान है और गाड़ी भी है और घर में लाइसेंसी हथियार भी हैं। कार्रवाई के डर से कार्ड सरेंडर

प्रदेश सरकार की ओर से साफ-साफ कह दिया गया है कि जो अपात्र हैं वह अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें वरना सत्यापन के दौरान उन पर राशन कार्ड पाया गया तो अब तक लिए गए खाद्यान्न की वसूली की जाएगी। मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। ये हिदायत डीएम से लेकर एसडीएम तक ने आमजन को दी तो उसका असर भी हुआ। अब तक 2200 राशनकार्ड सरेंडर हो चुके हैं। शहर से लेकर देहात पर अपील

जिला पूर्ति विभाग की ओर से शहर से लेकर देहात तक छोटी गाड़ियों पर माइक लगवाकर आम जन से अपील की जा रही है कि वह अगर आयकर दाता हैं, घर में एसी, कार, सरकारी नौकरी है तो फौरन राशन कार्ड सरेंडर करा दें, अन्यथा की स्थिति में वसूली की कार्यवाही की जाएगी। सभी बीडीओ और प्रधानों को पत्र लिखकर इस बारे में दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। वर्जन --

सरकार के निर्देश हैं कि जो भी अपात्र हैं, वे अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें। अभी तक 2200 राशन कार्ड सरेंडर भी हो चुके हैं। ये संख्या अभी और बढ़ने की उम्मीद है। कार्ड सरेंडर होने के बाद जो भी पात्र लाभार्थी हैं उनके राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि उनको राशन मिल सके।

एसपी शाक्य, जिला पूर्ति अधिकारी हाथरस।

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