श्री दाऊजी मेले का ठेका एक करोड़ से शुरू, हाथरस में तैयारियां तेज; डीएम लगाएंगे आखिरी मुहर
हाथरस के प्रसिद्ध श्री दाऊजी मेले के तहबाजारी ठेके की शुरुआत इस बार एक करोड़ रुपये से होगी, जिसकी ऑनलाइन नीलामी पीडब्लूडी करेगा।

HighLights
श्री दाऊजी मेले का ठेका एक करोड़ रुपये से शुरू।
डीएम 25 अगस्त को मेले के कार्यक्रम करेंगे अंतिम।
ब्रज संस्कृति कार्यक्रमों को प्राथमिकता, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत।
जागरण संवाददाता, हाथरस। जिले के प्रसिद्ध श्री दाऊजी मेले की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। 15 सितंबर से शुरू होने वाले इस मेले में इस बार तहबाजारी (दुकान आवंटन) का ठेका सोमवार को एक करोड़ रुपये से शुरू होगा।
ठेके की प्रक्रिया आनलाइन रहेगी। पिछली बार मेले का ठेका अलीगढ़ की फर्म के नाम रहा था। दूसरी ओर डीएम अतुल वत्स मेले में होने वाले कार्यक्रमों को जांच के बाद 25 अगस्त को मुहर लगाएंगे।
इस बार कार्यक्रम की संख्या 100 से घटकर 35 से 40 तक ही रह जाएगी। मुख्य कार्यक्रमों पर ही प्रशासन का फोकस रहेगा। सरकारी कार्यक्रमों के साथ बड़ी संख्या में एक ही स्वभाव के कार्यक्रमों में कटौती होगी।
पिछले साल यह ठेका अलीगढ़ की फर्म के नाम एक करोड़ एक लाख एक हजार रुपये में उठा था। उस दौरान ठेकेदार ने बारिश का हवाला देते हुए प्रशासन से रोना रोया था। राजकीय श्री दाऊजी मेले में लगने वाली दुकानों, झूलों, चाट-पकौड़ी और मनोरंजन के साधनों से तहबाजारी वसूली का ठेका नीलामी के जरिए दिया जाता है।
ठेकेदार को मेला परिसर में दुकानों के लिए जगह आवंटित करने का अधिकार मिलता है। तहबाजारी के ठेके की आनलाइन नीलामी पीडब्लूडी करेगा। बता दें कि आवेदन की अंतिम तारीख तक कुल 104 आवेदन पत्र कलक्ट्रेट में जमा हुए हैं। इसमें कुश्ती दंगल, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रासलीला और भजन संध्या के आवेदन शामिल हैं।
मेला बाबू शशिकांत गौतम ने बताया कि 25 अगस्त को सभी 104 आवेदनों की जांच कर कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिन संस्थाओं के कार्यक्रम बेहतर होंगे, उन्हें तिथि और मंच आवंटित किया जाएगा।
प्रशासन का प्रयास है कि इस बार मेले में ब्रज संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी, पुलिस चौकी और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात की जाएगी।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के रामनगर में लगा सरस मेला, हे मधु क्या भली मुखड़ी तेरी... पर झूमे एसडीएम साहब
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के देवीधुरा में शुरू हुआ विश्व प्रसिद्ध मेला, 28 अगस्त को होगी ऐतिहासिक बगवाल
