हाथरस की रबड़ी, मिला एक जनपद-एक व्यंजन का दर्जा, मिठाई कारोबारियों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश शासन ने हाथरस की प्रसिद्ध रबड़ी को 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत आधिकारिक दर्जा दिया है। इससे ...और पढ़ें

हाथरस की प्रसिद्ध रबड़ी।
HighLights
उद्यमियों को बैंक ऋण और 50 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी।
रबड़ी कारोबारियों को व्यवसाय विस्तार का मिलेगा सुनहरा अवसर।
जागरण संवाददाता, हाथरस। उत्तर प्रदेश शासन ने पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत हाथरस की प्रसिद्ध रबड़ी को जनपद का आधिकारिक व्यंजन चुना है। योजना के अंतर्गत रबड़ी के उत्पादन, प्रसंस्करण और व्यवसाय से जुड़े इच्छुक उद्यमियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
हाथरस की हींग की तरह ही रबड़ी भी देशभर में प्रसिद्ध है। यहां के हल्वाई केवल देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी ऑन डिमांड जाते हैं। दरअसल महंगी शादियों में मेहमानों के लिए मिठाई में रबड़ी बनाने में यहां के हल्वाइयों को महारत हासिल है। हाथरस की रबड़ी की खासियत है कि यह पीलेपन पर न होकर रंग में एकदम सफेद और खाने में लच्छेदार होती है।
रबड़ी का चयन एक जनपद एक व्यंजन में होने के बाद अब कारोबारियों को इसका लाभ भी मिलेगा। वे अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए बैंक लोन भी ले सकते हैं। इस पर सरकार द्वारा परियोजना लागत के अनुसार 10 से 25 प्रतिशत तक, अधिकतम 50 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
किसी शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है। आवेदक किसी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए तथा केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ पहले नहीं लिया होना चाहिए। पात्र लाभार्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
