जागरण संवाददाता, हाथरस: नेताओं के लगातार दबाव के बाद रेलवे को आखिर अपना निर्णय बदलना ही पड़ा। एक मार्च से हाथरस किला स्टेशन के बजाय ट्रेन जब हाथरस जंक्शन से शुरू हुई तो हाथरस के लोग गुस्से में आ गए। उनका गुस्सा इसलिए भी जायज था क्योंकि हाथरस किला से हाथरस जंक्शन जाने के लिए आठ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था। ये देख सत्ताधारी पार्टी के लोग सक्रिय हुए और छठवें दिन से ही ट्रेन को हाथरस किला से शुरू कर दिया गया। वहीं, जागरण ने एचएडी पैसेंजर ट्रेन हाथरस किला से चलने की खबर सबसे पहले दी थी।

बता दें कि यहां के नेताओं से मुसाफिरों ने शिकायत की थी कि हाथरस जंक्शन से एचएडी पैसेंजर शुरू होने से हाथरस के लोगों की परेशानी बढ़ गई है, उसे हाथरस किला से संचालित कराया जाए। तभी हाथरस के लोगों को राहत मिल सकेगी। दरअसल, हाथरस से रोजाना सैकड़ों मुसाफिर कारोबार करने जाते हैं। पैसेंजर ट्रेन से दिल्ली तक सफर करते हैं। हाथरस जंक्शन से ट्रेन शुरू करने से रेलवे को नुकसान भी हो रहा था। अब लगातार हो रहा घाटा भी कुछ कम होगा। रेलवे ने घाटे की भरपाई करने के लिए किराये में तीन गुना बढ़ोतरी कर दी है।

एचएडी में चेयरमैन ने बुके देकर विदा किए यात्री: एचएडी ट्रेन को अब किला स्टेशन से फिर शुरू कर दिया गया है। सुबह के समय ट्रेन प्रस्थान के समय पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने ट्रेन में सवार हुए यात्रियों का बुके व गुलदस्ते देकर रवाना किया। चेयरमैन ने बताया कि हाथरस शहर के लोगों को सुविधाएं देने के लिए यहां पर अंग्रेजों के जमाने से ट्रेनों की व्यवस्था कर रखी थी। यहां बाद में इलेक्ट्रिफिकेशन होने के बाद एचएडी ट्रेन दिल्ली व हाथरस किला के बीच चलाई गई थी। कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन में रेलों को बंद कर दिया गया था। अब एक मार्च से ट्रेन का संचालन करते हुए इसे हाथरस जंक्शन तक समेट दिया गया। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन का संचालन पूर्व की तरह हाथरस किला से करने के लिए रेल मंत्री व डीआरएम इलाहाबाद को पत्र लिखने के साथ पूरे प्रयास किए गए। उसी के चलते इस ट्रेन का संचालन शनिवार से किला स्टेशन से किया गया है। इससे यात्रियों के साथ शहर के व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा।

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