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'साहब, घर में चोरों ने लगा दी थी सेंध....', चुनाव से ड्यूटी हटवाने के लिए सरकारी कर्मचारी बना रहे हैं अजब-गजब बहाने

सेंट फ्रांसिस स्कूल परिसर में दो दिवसीय मतदान प्रशिक्षण चल रहा था। इस दौरान एक शिक्षक कक्ष में हाथों में कागज लिए दाखिल हुए। उनको दाखिल होते देख कार्मिक अधिकारी ने पूछा कि क्या ड्यूटी कटवाने आए हैं। शिक्षक ने अपना परिचय देेते हुए कहा कि पत्नी और मेरी दोनों की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है। जबकि घर में पिछली बार चोर सेंध लगा गए थे।

By yogesh kumar sharma Edited By: Nitesh Srivastava Thu, 11 Apr 2024 07:25 PM (IST)
'साहब, घर में चोरों ने लगा दी थी सेंध....', चुनाव से ड्यूटी हटवाने के लिए सरकारी कर्मचारी बना रहे हैं अजब-गजब बहाने
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

संवाददाता, जागरण. हाथरस। सात मई को होने वाले मतदान कराने को लगाई गई ड्यूटी कटवाने को कार्मिक तरह तरह बहाने लेकर आ रहे हैं। एक शिक्षक ने कार्मिक अधिकारी के सामने आकर कहा, साहब चोरों ने पिछले साल घर में सेंध लगा दी थी। अब शिक्षक पत्नी और मेरी भी चुनाव ड्यूटी लगा दी है इसलिए किसी एक की ड्यूटी कटवा दीजिए ताकि एक व्यक्ति घर को लुटने से बचा सकें।

पूरा किस्सा सेंट फ्रांसिस इंटर कालेज स्कूल परिसर का है जहां दो दिवसीय मतदान प्रशिक्षण चल रहा था। कार्मिक अधिकारी एवं परियोजना निदेशक आरके कुरील और बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता पूरे प्रशिक्षण पर निगरानी रखे थे। तभी एक शिक्षक इस कक्ष में हाथों में कागज लिए दाखिल हुए। उनको दाखिल होते देख कार्मिक अधिकारी आरके कुरील ने पूछा कि क्या ड्यूटी कटवाने आए हैं।

शिक्षक ने अपना परिचय देेते हुए कहा कि शिक्षक पत्नी और मेरी दोनों की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है। जबकि घर में पिछली बार चोर सेंध लगा गए थे। इसलिए दोनों में एक की ड्यूटी साहब काट दी जाए। ये सुनकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक से कहा, आप अपने बीएसए को जानते हैं?

शिक्षक ने जबाव दिया कि सर, हमें उनसे कोई काम नहीं पड़ा। इस पर बीएसए ने कहा कि कैसे शिक्षक हैं कि अपने बीएसए को नहीं जानते। खैर,अपने बीएसए से लिखवाकर लाओ, तभी कोई बात सुनी जाएगी। ये सुनकर शिक्षक कक्ष अपने बीएसओ को तलाशने निकल गए।

ड्यूटी के प्रति ईमानदारी

इस वाक्या से पहले एक दिव्यांग कर्मी को कार्मिक अधिकारी आरके कुरील ने देखा तो उससे पूछा कि चुनाव ड्यूटी कटवाने आए हो तो यहां आने की जरूरत नहीं है। आपकी ड्यूटी कट जाएगी। इस पर दिव्यांग कर्मी ने कहा कि सर, ड्यूटी नहीं कटवानी बल्कि हम उस कमरे को तलाश रहे हैं जहां हमारा प्रशिक्षण होना है। ये सुनकर कार्मिक अधिकारी अवाक रह गए और दिव्यांग के साहस को सलाम किया।

ड्यूटी कटवाने को मेडिकल बोर्ड की संस्तुति जरूरी

लोकसभा चुनाव में सात मई को होने वाले सात मई को होने मतदान के लिए छह हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। 10 प्रतिशत कर्मचारी रिजर्व में रखे गए हैं। मगर करीब 400 आवेदन ड्यूटी कटवाने के लिए आ गए हैं। मगर अब जाे भी ड्यूटी कटेगी वह मेडिकल बोर्ड की संस्तुति के बाद ही कट सकेगी।