संवाद सहयोगी, हाथरस : हर साल की तरह इस बार फिर दशहरा धूमधाम से मनाया जाएगा। बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य की जीत के साथ हम इस त्योहार को रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले फूंककर मनाते हैं। आजकल बीमारियां भी हमारे जीवन में किसी दुष्ट दशानन से कम नहीं है, जो हमारे जीवन में धीमा जहर घोलकर शरीर को खोखला कर रही हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी पीड़ित हैं। आज विजयादशमी पर्व पर हम ऐसी ही दस प्रमुख बीमारियों के लक्षण बताकर उन पर विजय पाने के मंत्र विशेषज्ञों के माध्यम से बता रहे हैं। 1-डेंगू :

वरिष्ठ चिकित्सक डा. एसके राजू के अनुसार तेज बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, शरीर दर्द, आंखों के पीछे कमजोरी और उल्टी व दस्त डेंगू रोग के लक्षण हैं। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर में साफ पानी कहीं जमा न होने दें, क्रीम, कायल, रीफिल का इस्तेमाल रात को सोते समय करें। अधिक से अधिक पूरे आस्तीन की शर्ट का प्रयोग करें। 2-वायरल :

जिला अस्पताल के सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश के अनुसार वायरल फीवर होने के प्रमुख लक्षण सिर दर्द, आंखों में दर्द, सर्दी और खांसी हैं। घर में साफ सफाई रखने के साथ-साथ मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। यदि बुखार अधिक है तो पैरासीटामोल का इस्तेमाल करें। फायदा न हो तो तत्काल चिकित्सक की सलाह पर उपचार कराएं। 3-कोरोना :

डिप्टी सीएमओ डा. मधुर कुमार के अनुसार संक्रमण से बचने के लिए लोगों को सजग रहना बहुत जरूरी है। बुखार और खांसी की यदि शिकायत है तो सबसे पहले निकट के कोविड सेंटर पर जाकर आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर कराएं। वैक्सीन के दोनों डोज लें। मास्क का प्रयोग करने के साथ-साथ शारीरिक दूरी का पालन अवश्य करें। रिपोर्ट पाजिटिव आए तो होम क्वारंटाइन होकर चिकित्सक से लगातार परामर्श लें। 4-कंप्यूटर विजन सिड्रोम-

कोरोना काल में आनलाइन मीटिग, आनलाइन क्लास का चलन बढ़ा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. राजेश गौतम के अनुसार इससे कंप्यूटर विजन सिड्रोम फैल रहा है। यह आंखों में सूखापन की वजह से होता है। वर्चुअल मीटिग या क्लास के समय पलकों को जल्दी-जल्दी झपकाएं। 10-15 मिनट के बाद कुछ देर का ब्रेक लें। ब्लू-रे लेंस का चश्मा पहनें। डाक्टर से सलाह लें। 5-क्षय रोग :

डीटीओ डा. अनिल सागर वशिष्ठ के अनुसार यदि लगातार खांसी आ रही है तो तत्काल क्षय रोग अस्पताल आकर अपना उपचार कराएं। क्षय रोगियों के लिए छह माह का कोर्स अनिवार्य है। जो मरीज आने-जाने में सक्षम नहीं हैं उन्हें डाट टीम के द्वारा घर पर ही दवा उपलब्ध कराई जाती है। दवाई के साथ-साथ खानपान का विशेष ध्यान क्षय रोगियों को रखना होगा। 6-मधुमेह रोग :

वरिष्ठ चिकित्सक डा.एमसी गुप्ता के अनुसार यदि किसी को प्यास अधिक लग रही है, भूख अधिक लगती है, पेशाब अधिक आता है तथा शरीर में थकान रहती है तो इन लक्षणों के होने पर मधुमेह का खतरा रहता है। मधुमेह रोगी नियमित व्यायाम करने के साथ-साथ टहलें जरूर। साथ ही जो भोजन लें वह संतुलित हो। डाक्टर से सलाह जरूर लें। 7-ब्लड प्रेशर :

जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा. रूपेंद्र गोयल के अनुसार सिर में भारीपन रहना, लगातार चक्कर आना ब्लड प्रेशर के संकेत हैं। ब्लड प्रेशर के मरीजों को योग और व्यायाम करना चाहिए। तनाव बिल्कुल न लें। समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराएं। चिकित्सक से परामर्श लें। 8-बच्चों में निमोनिया :

बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुनील अग्रवाल के अनुसार इन दिनों बच्चों में निमोनिया का प्रकोप चल रहा है। तेज सांसें चलना, पसली तेज चलना, बुखार आना, बच्चा दूध न पीये तो समझ लें कि उसे निमोनिया भी हो सकता है। बच्चे का घर पर कतई इलाज न करें। डाक्टर से परामर्श लें। 9-कैंसर :

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. चंद्रमोहन चतुर्वेदी के अनुसार यदि शरीर में किसी हिस्से में गांठ है तो उसे गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है। क्योंकि कैंसर रोग की जानकारी समय से मिल जाए तो उसका सौ फीसद इलाज संभव है। लोगों को सिगरेट, तंबाकू और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इन नशीली चीजों के प्रयोग करने से कैंसर होने की संभावना बनी रहती है। 10-एलर्जी :

शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रदीप रावत के अनुसार एलर्जी के प्रमुख लक्षण बार-बार छींक आना, सांस फूलना व थकान रहना है। सर्दी बार-बार होना एलर्जी के लक्षण हैं। इससे बचाव के लिए एलर्जी वाले स्थानों व चीजों से दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही यदि सांस अधिक फूल रही है तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श करके उपचार कराएं।

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