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संवाद सहयोगी, हाथरस : टेलीकॉम कंपनियों के टॉवर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी का खेल शुरू हो चुका है। हाल ही में गांव कलवारी की महिला से ठगी होने के बाद अब नगला अलगर्जी के व्यक्ति को 26 हजार रुपये की चपत लगाई गई है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब तक ठग बैंक अधिकारी बनकर व इनाम निकलने का झांसा देकर ठगी करते थे, मगर अब लोगों के घरों पर मोबाइल के टावर लगवा रहे हैं। शहर में अब तक दो केस सामने आ चुके हैं, जिनके साथ टावर लगवाने के नाम ठगी हुई। चार अगस्त को गांव नगला भीम (कलवारी) निवासी उमा रानी पत्नी स्व. पीतांबर दास ने कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज कराया था। एक मोबाइल कंपनी के वाई-फाई टावर लगाने के नाम पर उनसे दो महीने के अंदर 55 हजार रुपये ठगे गए थे। उन्हें बताया गया था कि टावर लगाने के लिए 22 लोगों का चयन किया गया है। इसी तरह गांव नगला अलगर्जी के रहने वाले अर¨वद कुमार ¨सह के साथ ठगी हुई। इनके पास 28 जुलाई की सुबह जतिन नाम के व्यक्ति ने फोन किया तथा खुद को एक मोबाइल कंपनी का अधिकारी बताया। उन्हें भी टावर लगाने का आश्वासन दिया तथा इस एवज में रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसे¨सग चार्ज, जनरेटर आदि के नाम पर धीरे-धीरे 26 हजार रुपये जमा करा लिए।

अर¨वद के अनुसार अलग-अलग नंबर से चार लोगों ने फोन किए। अरुन शर्मा, एनके बंसल व मंदीप के नाम से भी फोन आए। जब टावर नहीं लगा तो अर¨वद ने 10 अगस्त को फोन कर पैसे मांगे। इस पर इनके साथ गाली-गलौज की गई। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। हाथरस गेट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

Posted By: Jagran

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