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दीपावली 2026: भद्रा रहित पूरे दिन शुभ मुहूर्त, जानें लक्ष्मी पूजा का विशेष समय

By Akash Raj Singh Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 07 Nov 2026 08:44 PM (IST)

दीपावली 2026 रविवार को मनाई जाएगी, इस बार भद्रा का साया नहीं होने से पूरे दिन पूजा का मुहूर्त रहेगा। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, हाथरस। दीपावली महोत्सव रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा का साया नहीं होने से पूरे दिन मुहूर्त रहेगा। प्रदोषकाल में पूजा करना सबसे अधिक शुभ माना जाता है। इसके लिए शाम साढ़े पांच बजे से आठ बजे तक का समय सबसे अच्छा बताया गया है। गोवर्धन पूजा 10 को व भाई दूज का पर्व 11 नवंबर को मनाया जाएगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है। इस बार यह पर्व आठ नवंबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य सीपुजी महाराज बताते हैं कि आठ नवंबर की सुबह 11 बजकर 28 मिनट से अमावस्या तिथि शुरू होगी। इस तिथि का समापन नौ नवंबर को दोपहर 12 बजकर 33 मिनट पर होगा।

प्रदोष काल में अमावस्या तिथि होने के कारण दीपावली का पर्व बहुत ही शुभ माना जा रहा है। शाम को साढ़े पांच बजे से लेकर रात आठ बजे तक विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा। इसमें भगवान गणेश व माता लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पं. उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया, दीपावली प्रदोषकाल में मनाई जाएगी। इसके लिए शुभ मुहूर्त शाम को साढ़े पांच बजे से रात आठ बजे तक ठीक है। भद्रा नहीं होने से पूरे दिन मुहूर्त रहेगा।

 

10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, भाई दूज 11 को

गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर इकतालीस मिनट से सुबह आठ बजकर इक्यावन मिनट तक रहेगा। इसमें गोवर्धन महाराज की पूजा की जाएगी। गोशाला में दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा।

वहीं भैया दूज का पर्व 11 नवंबर को है। इसके लिए भाई को तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर एक बजकर बत्तीस मिनट से दोपहर तीन बजकर 46 मिनट तक रहेगा। हालांकि तिलक पूरे दिन किया जा सकता है।

ये रखें ध्यान

  • पूजा करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • ऐसा सम्भव न हो तो उत्तर दिशा की ओर मुख रखें।
  • अपने सामने चौकी रखें। उस पर सफेद या लाल वस्त्र बिछाकर चावल से अष्टदल कमल बनाएँ।
  • अष्ट दल पर लक्ष्मीजी और गणेशजी को विराजमान करें।
  • घी का दीपक लक्ष्मीजी के दाहिने हाथ की ओर और तिल के तेल का दीपक बाईं ओर रखें।
  • एक थाली में छोटी कटोरियों में रोली, चावल, सुपारी, लौंग, इलायची, कलावा और जनेऊ रखें। खुले फूल भी साथ रखें।
  • चौकी के सामने दो स्थानों पर मिठाई का भोग रखें। फल भी मिठाई के साथ रखें।



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