टीम जागरण, हाथरस : जनपद में वायरल बुखार और डेंगू थमने का नाम नहीं ले रहा है। सहपऊ में सोमवार को बुखार से एक और मौत हो गई। बुखार से मरने वालों की संख्या 17 हो गई है। वहीं डेंगू के पांच केस और सामने आए हैं। इससे डेंगू मरीजों की संख्या 112 हो गई। सादाबाद के कुरसंडा में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग पर प्रभावित स्थानों पर हेल्थ टीम न भेजने और जांच न कराने का आरोप लगा रहे हैं।

सहपऊ क्षेत्र के सुल्तानपुर निवासी दिव्यांग दिनेश कुमार का इकलौता दस वर्षीय पुत्र आशिक को तीन दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार को स्वजन कस्बे के किसी चिकित्सक को दिखाने लाए थे। चिकित्सक ने उनको आगरा ले जाने की सलाह दी। उसे इलाज के लिए आगरा ले गए, जहां शाम को उसकी मौत हो गई। मृत बालक की मां भी दिव्यांग है। उसकी मौत की सूचना पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सीएचसी प्रभारी डा. प्रकाश मोहन का कहना है कि गांव की आशा ने उनको सीएचसी में जांच कराने के लिए कहा था, लेकिन वह निजी चिकित्सक से ही इलाज कराते रहे। मौत की सूचना पर सीएचसी प्रभारी अपनी टीम के साथ पहुंचे। गांव नगला मेवा में एक किशोर व गांव कोंकना कला में एक किशोरी की बुखार से पहले ही मौत हो चुकी है।

कुरसंडा(सादाबाद) : गांव में बुखार और डेंगू का प्रकोप जारी है। स्वजन के अनुसार लवलेश शर्मा की रिपोर्ट 11 दिन बाद पाजिटिव आई थी जबकि लवलेश शर्मा का इलाज आगरा में चला था, हालत काफी गंभीर रही थी। अब स्वास्थ्य विभाग ने उसकी रिपोर्ट पाजिटिव भेजी है। गांव में मरीजों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। शिवानी अग्रवाल 16 वर्ष, केला देवी 35 वर्ष, वंश वर्मा नौ वर्ष डेंगू की आशंका में आगरा इलाज कराने गए। होरीलाल 13 वर्ष तेज बुखार, विक्की सविता 22 वर्ष स्थानीय अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। देवेश कुमार 15 वर्ष, अंशुल 18 वर्ष, भोजराज 24 वर्ष डेंगू की आशंका में इलाज करा रहे हैं। सचिन कुमार 17 वर्ष का उपचार भी चल रहा है। सांस की बीमारी से वृद्ध की मौत

फोटो-46

संसू, पुरदिलनगर : रविवार की सुबह से घर से गायब गांव खेड़िया कलां निवासी एक वृद्ध की सांस की बीमारी के चलते मौत हो गई। स्वजन ने बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।

क्षेत्र के ग्राम खेड़िया कलां निवासी राजेंद्र प्रसाद के स्वजन के अनुसार रविवार सुबह 10 बजे से घर से गायब थे। वह सांस के रोग से पीड़ित थे। शव रात भर शराब ठेका के निकट सड़क पर ही पड़ा रहा। सुबह लोगों ने जब शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। बाद में लोगों ने उनकी पहचान राजेंद्र प्रसाद के रूप में की। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव स्वजन को सौंप दिया। मृतक के चार बच्चे हैं। सभी बाहर रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। घर में पत्नी के साथ रहते थे।

Edited By: Jagran