जागरण संवाददाता, हाथरस : राजस्थान में गुर्जर आंदोलन का प्रभाव रेल व सड़क यातायात पर पड़ रहा है। ट्रेन व बसों को राजस्थान के आंदोलन से प्रभावित इलाकों में नहीं जाने दिया जा रहा है। हाथरस सिटी से गुजरने वाली एक साप्ताहिक एक्सप्रेस निरस्त है तथा एक का मार्ग परिवर्तित है। इसके अलावा हाथरस डिपो से बस सेवा भी फिलहाल बंद चल रहा है।

राजस्थान में पिछले सात दिनों से गुर्जर आंदोलन चल रहा है। गुर्जर समेत चार जातियों को 5 फीसद आरक्षण की मांग को लेकर लोग सवाईमाधोपुर जिले में ट्रेन की पटरियों पर बैठे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में आरक्षण देने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जाए। इस आंदोलन के कारण राजस्थान के प्रमुख मार्ग प्रभावित हैं। इनमें

कोटपूतली-नीमकाथाना, ¨हडौन सिटी-करौली, सवाईमाधोपुर-धौलपुर और दौसा से आगरा तक का मार्ग बंद है। दौसा-आगरा मार्ग बंद होने से उत्तर प्रदेश राजस्थान से कट गया है। आगरा, मथुरा के साथ-साथ हाथरस डिपो की बस सेवाएं प्रभावित हैं। हाथरस रोडवेज बस स्टैंड प्रभारी वीरी ¨सह ने बताया कि डिपो से सोरों-जयपुर रूट पर दो बसें संचालित हैं। एक जाती है तथा एक आती है। दोनों ही बसें पिछले चार दिन से बंद हैं। मथुरा से आगे बसों को नहीं जाने दिया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य डिपो की बसें भी हाथरस होकर जयपुर नहीं जा रही हैं। केवल मथुरा-आगरा तक ही संचालन हो रहा है। जयपुर तक जाने वाली अन्य डिपो की आधा दर्जन बसें हैं। वहीं राजस्थान परिवहन निगम की बसें भी यहां नहीं आ पा रही हैं। साप्ताहिक ट्रेनें प्रभावित

रेल की पटरियों पर कब्जा होने के कारण डेढ़ दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित हैं। इनमें लखनऊ-बांद्रा टर्मिनस (19022) व बांद्रा टर्मिनस-लखनऊ (19021) साप्ताहिक एक्सप्रेस भी शामिल है। लखनऊ-बांद्रा हर सोमवार सुबह 7:31 पर हाथरस सिटी आती है। वहीं बांद्रा-लखनऊ शनिवार को बांद्रा से चलकर हर रविवार हाथरस सिटी पर सुबह 11:14 पर आती है। इन दोनों ही ट्रेनों को फिलहाल निरस्त कर रखा है। इसके अलावा रामनगर-बांद्रा टर्मिनस (19062) को डायवर्ट किया गया है। यह ट्रेन हर शुक्रवार रात 11:40 पर सिटी स्टेशन पहुंचती है। बांद्रा टर्मिनस-रामनगर(19061) भी डायवर्ट है। यह ट्रेन गुरुवार देर रात 2:23 पर सिटी स्टेशन पहुंचती है। इसे रतलाम जंक्शन व भरतपुर जंक्शन के बीच डायवर्ट किया गया है। यह ट्रेन कोटा, सवाईमाधोपुर, गंगापुर सिटी आदि स्टेशनों से होकर नहीं गुजरेगी। मथुरा व आगरा से भी इन स्टेशनों से होकर जाने वाली ट्रेनें प्रभावित हैं।

बाजार पर भी पड़

रहा है बुरा असर

हाथरस : राजस्थान में आंदोलन का असर प्रदेश के कई जिलों पर पड़ रहा है। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के नजदीक होने के कारण हाथरस भी इससे अछूता नहीं है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष मदन मोहन सर्राफ की मानें तो यूपी की सीमा से लगे राजस्थान के कई जिलों के लिए यहां से कच्चे माल की सप्लाई होती है वहीं दाल और मोटे अनाज जैसी अहम चीजें राजस्थान से यहां बिक्री को आती हैं। आंदोलन के कारण इस व्यापार पर असर पड़ रहा है। हालांकि कच्चे माल और विनिर्माण के अलावा दूसरे उद्योगों और कारोबार पर इसका असर नहीं है। रंग कारोबारी अशोक कुमार वाष्र्णेय का कहना है कि राजस्थान के आंदोलन का असर केवल उन्हीं लोगों के कारोबार पर है जो राजस्थान से वस्तुओं की खरीदारी या बिक्री करते हैं। पूरे व्यापार जगत पर इसका प्रभाव नहीं है।

Posted By: Jagran

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