जागरण टीम, हाथरस : बुखार और डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। हसायन ब्लाक के कानऊ विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक की बुखार के कारण मौत हो गई।

पुरदिलनगर के मोहल्ला रामनगर कालोनी निवासी 35 वर्षीय शिक्षक कुंवर बुद्धप्रिय गौतम पुत्र कुंवरपाल सिंह गौतम शनिवार को अपने विद्यालय जा रहे थे। तभी नगला बिहारी के निकट तेज बुखार के कारण चक्कर आने से वह गिर गए थे। घर पहुंचने के बाद उन्हें स्वजन अलीगढ़ के निजी अस्पताल ले गए। वहां तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर स्वजन उन्हें नोएडा लेकर जा रहे थे। रास्ते में ही मौत हो गई। इनके पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं तथा राज्यपाल से पदक प्राप्त हैं। उनकी मां अंगूरी देवी भी प्रधानाध्यापक के पद पर प्राथमिक विद्यालय पुरदिलनगर में थीं। वह भी सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। बुद्धप्रिय गौतम की पत्नी रेनू एटा जनपद में तैनात हैं।

मौत की सूचना पर तमाम शिक्षक रविवार को उनके आवास पर पहुंच गए। पिता कुंवरपाल सिह गौतम ने बताया कि अलीगढ़ में उपचार के दौरान जांच में प्लेटलेट्स आठ हजार रह गई थी। हसायन सीएचसी प्रभारी डा. आरके वर्मा का कहना है कि शिक्षक की मौत के कारणों की जानकारी की जा रही है। हेल्थ टीम ने डाला डेरा

बुखार से शिक्षक की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। कैंप लगाकर लोगों को दवाई वितरित की गई। साथ ही बीमार लोगों की डेंगू और मलेरिया की जांच कराने के लिए सैंपल लिए गए। नगर पंचायत प्रशासन ने भी टीमें बनाकर कस्बे के प्रत्येक गली मोहल्ले में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।

कुरसंडा में नहीं सुधर रहे हालात

गांव कुरसंडा तथा उसके आसपास के गांवों में बुखार तथा डेंगू का जबरदस्त प्रकोप है। प्रतिदिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशें कारगर साबित नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीण दूसरे शहरों में मरीजों का इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। कुरसंडा के गांव नगला मोहन निवासी 9 वर्षीय मानवी चौधरी, 22 वर्षीय अंचित कुमार का डेंगू की आशंका में उपचार सादाबाद में चल रहा है। वहीं 40 वर्षीय लाखन सिंह निवासी मोतीगढ़ी आगरा में भर्ती हैं। कुरसंडा की 13 वर्षीय शिवानी, 12 वर्षीय मयंक चौधरी, 8 वर्षीय दीपक कुमार का उपचार सादाबाद में चल रहा है।

Edited By: Jagran