जासं, हाथरस : कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सरकार के निर्देश पर बाहर से गांव लौटे रहे लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। हाथरस जंक्शन के गांव पुन्नेर में कुछ लोगों के आने की सूचना पर आशा कार्यकर्ता गीता पड़ताल करने गई तो गांव के दबंगों ने उनसे मारपीट और अभद्रता की। विरोध करने उनके पति के साथ भी बदसलूकी की गई। इतना ही नहीं मामले को रफा-दफा न करने पर प्रधान ने भी धमकाया। मामला सेक्टर मजिस्ट्रेट तक पहुंचा तो उन्होंने हाथरस जंक्शन कोतवाली में तहरीर दिलवा दी।

लॉकडाउन के कारण बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। जो आता भी है उसे 14 दिन के लिए शेल्टर होम में क्वारंटाइन किया जाता है। गांव में बाहर से कौन आ रहा है, इसकी सूचना देने के लिए प्रधान, सचिव के अलावा आशा कार्यकर्ता की भी ड्यूटी लगाई गई है। 31 मार्च को आशा कार्यकर्ता गीता देवी को सूचना मिली थी कि हाथरस जंक्शन के गांव पुन्नेर में विष्णुपाल और रामचरन के यहां आगरा से कुछ लोग आए हैं। इसपर गीता ने उनसे पूछ लिया कि कौन लोग आए हैं, इसकी सूचना प्रशासन को देनी है। तब जानकारी देने की बजाय गुमराह किया। गीता लगातार मेहमानों के बारे में पूछती रही मगर बताने में आनाकानी करते रहे। जब उन्होंने रिपोर्ट भेजने की बात कही तो आरोपित ने सोमवार की रात करीब दस बजे आशा कार्यकर्ता के घर नशे में धुत युवकों को भेजा जिन्होंने गीता के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। उनके पति मनोज गीता को बचाने आए तो उसके साथ भी बदसलूकी की गई। तहरीर मिलने पर हाथरस जंक्शन पुलिस ने सोमवार को ही आरोपित मुकेश का धारा 151 में चालान किया, जिसकी थाने से ही जमानत हो गई और वह घर पहुंच गया। अब इस घटना में ग्राम प्रधान समझौते के लिए धमका रहे हैं। जब गीता ने सेक्टर मजिस्ट्रेट जिला विकास अधिकारी अवधेश यादव को इससे अवगत कराया तो उन्होंने इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। वर्जन

इस बारे में हाथरस जंक्शन प्रभारी को दिशा निर्देश दिए गए हैं। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।

-अवधेश यादव, जिला विकास अधिकारी, हाथरस।

Posted By: Jagran

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