संसू, हाथरस : शिक्षा, खेल, रेलवे, हवाई सेवा ही नहीं महिलाओं ने उद्योग जगत में भी लोहा मनवाया है। घुंघरुओं की नगरी बिसावर का नाम आकांक्षा गर्ग ने चमकाकर बेहतर कौशल, लगन, मेहनत से नारी शक्ति का प्रमाण दिया है। उनकी उपलब्धि के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने की अनुमति भी मिली हुई है।

मुरादाबाद में रहकर वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान और दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद आकांक्षा ने नोएडा से एमबीए किया था। चाहत बैंकिग क्षेत्र में जाने की भी थी। विदेशी बैंक में नौकरी का अवसर भी मिला, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण यह संभव नहीं हो सका। बचपन से ही आत्मनिर्भर बनने और आत्मनिर्भरता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध थीं। मायके मुरादाबाद में रहते हुए पिता सुनील कुमार अग्रवाल का हाथ बंटाते हुए निर्यात के क्षेत्र में परिवार का नाम रोशन किया। इसके बाद उन्होंने मेटल, वुडन इंडस्ट्री में ऊंचा नाम किया। 2017 में उधार लेकर उन्होंने काम बढ़ाने के लिए निर्यात के क्षेत्र के कदम रखा। दिल्ली रोड पर फैक्ट्री की स्थापना की।

उपलब्धि : आज वह तमाम इंटरनेशनल शेयर और ट्रेड शो में जाती हैं। यूएसए बिजनेस का वीजा भी उन्हें हासिल है। विश्व स्तरीय कारोबारी का अवार्ड भी मिल चुका है। देश के कई उद्योग जगत से जुड़े सम्मान उनकी सफलता की कहानी कहते हैं। आर्ट, क्राफ्ट डिजाइन के क्षेत्र में बेहतरीन मुकाम हासिल किया है। शादी के बाद बिसावर में रहकर वह अच्छी तरह से अपने बिजनेस को संभाल रही हैं। उनके पति जिला पंचायत सदस्य ईशान चौधरी बताते हैं कि आकांक्षा ने यह मुकाम कड़ी मेहनत, जद्दोजहद, मुश्किलों से जूझते हुए, कठिनाइयों को पार कर हासिल किया है। उनके जज्बे ने ही उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया है और वह हर निर्णय, हर कदम पर उनके साथ हैं। आकांक्षा नारी शक्ति के रूप में एक बेहतरीन उदाहरण है।

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