क्या है डिजिटल फास्टिंग? नवरात्र में 9 दिनों तक अन्न के साथ 'मोबाइल' का भी व्रत रखने की डॉक्टरों की सलाह
Navratri Digital Fasting | नवरात्र में अन्न त्याग के साथ मोबाइल का भी व्रत रखने की सलाह दी गई है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लाभ मिल सके।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
मोबाइल से दूरी मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाएगी।
आंखों के सूखेपन, जलन और सिरदर्द से मिलेगी राहत।
बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक गतिविधियों में सुधार होगा।
जागरण संवाददाता, हरदोई। Navratri 2026 | Digital Fasting | नवरात्र में कोई नौ दिन अन्न का त्याग करता है तो कोई फलाहार पर रहकर मां दुर्गा की आराधना करता है। तन और मन की शुद्धि के इस पर्व पर क्यों न मोबाइल का भी व्रत रखा जाए।
सुबह आंख खुलते ही मोबाइल देखना और रात में सोने से पहले तक स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखना अब आदत बन चुकी है। बच्चे खेल का मैदान छोड़कर मोबाइल में उलझे हैं तो बड़े भी परिवार के बीच बैठकर स्क्रीन में खोए रहते हैं।
लगातार मोबाइल के इस्तेमाल से नींद, एकाग्रता और आंखों की सेहत प्रभावित हो सकती है। ऐसे में नवरात्र के नौ दिन 'डिजिटल फास्टिंग' की शुरुआत का अच्छा अवसर है।
परिवार को भी दें प्राथमिकता
मोबाइल का जरूरी इस्तेमाल करें, लेकिन मनोरंजन और सोशल मीडिया का समय सीमित कर परिवार, पूजा-पाठ और अपनी सेहत को प्राथमिकता दें।
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मनोचिकित्सक डॉ. कुंवर अखिलेश सिंह के अनुसार लगातार मोबाइल और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से बेचैनी, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। देर रात स्क्रीन देखने से नींद भी प्रभावित होती है। नवरात्र में प्रतिदिन कुछ घंटे मोबाइल से दूरी बनाएं।
'खाली समय में करें योग'
खाली समय ध्यान, योग और परिवार के साथ बिताएं। इससे मानसिक सुकून मिल सकता है। तो वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय तोमर कहते हैं कि मोबाइल पर लगातार नजरें टिकाने से आंखों में सूखापन, जलन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
ज्यादा स्क्रीन इस्तेमाल चिंता का विषय- डॉक्टर
बच्चों में अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल चिंता का विषय है। नवरात्र में अनावश्यक मोबाइल देखना कम करें। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड दूर देखें। पर्याप्त नींद लें और आंखों को आराम दें। प्रधानाचार्य हेमंत झा के अनुसार मोबाइल पर अधिक समय बिताने से बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

मनोचिकित्सक डॉ. कुंवर अखिलेश सिंह।
अभिभावक स्वयं स्क्रीन का सीमित उपयोग करके उदाहरण प्रस्तुत करें। नवरात्र में बच्चों को धार्मिक आयोजनों, पुस्तक पढ़ने, चित्रकला और खेलों से जोड़ें। भोजन और पढ़ाई के समय मोबाइल से दूरी का नियम पूरे परिवार पर लागू करें।
लगातार फोन इस्तेमाल से शरीर में हो सकती है दर्द की शिकायत
लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने से शारीरिक गतिविधियां घटती हैं और गर्दन, कंधे व पीठ में दर्द की शिकायत हो सकती है।
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महिलाओं को भी अपनी सेहत और आराम के लिए समय निकालना चाहिए। नवरात्र में डिजिटल फास्टिंग अपनाएं। सोने से पहले मोबाइल दूर रखें और परिवार के साथ बातचीत तथा हल्की शारीरिक गतिविधियों को प्राथमिकता दें।
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