हरदोई : व्यापार करने वाले हर शख्स को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए स्टेट जीएसटी विभाग की ओर से शहर के अलावा अब गांव और कस्बों में व्यापारियों के पंजीकरण का व्यापक अभियान शुरू किया गया है। ताकि टैक्स देने वाले व्यापारियों को चिह्नित किया जा सके। साथ ही जीएसटी में पंजीकरण होने से छोटे व्यापारियों का सरकारी योजनाओं को लाभ मिल सकेगा।

जनपद में जीएसटी के तहत वर्तमान 8833 व्यापारी पंजीकृत है। इनमें 5661 पुराने व्यापारी हैं और 3172 व्यापारियों ने सीधे जीएसटी के तहत पंजीकरण कराया है। व्यापारी की सालाना आय 40 लाख होने पर ही उनको टैक्स देना होता है। मगर व्यापारियों का पंजीकरण अनिवार्य है। जीएसटी के तहत पंजीकृत व्यापारी को सरकार की ओर से 10 लाख का बीमा दिया जाता है। इसके साथ भारत सरकार की ओर से जीएसटी के तहत पंजीकृत छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना लागू की जा रही है। जिले में अभी भी अपंजीकृत व्यापारियों की काफी संख्या है। इसके तहत स्टेट जीएसटी की ओर से ऐसे व्यापारियों के पंजीकरण के लिए अभियान शुरू किया गया है। अब शहर के अलावा गांव, नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं में छोटे- बडे़ बाजारों को भी शामिल किया गया है। यह पहला मौका है जब विभाग गांव और कस्बों में भी टैक्स देने योग्य अपंजीकृत व्यापारियों की तलाश कर रहा है। सरकार की मंशा है कि व्यापारी भले ही टैक्स के दायरे में न आता हो मगर उसका पंजीकरण जरूर होना चाहिए। जिले में इसके अभियान शुरू हो गया है। डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर वीर सिंह ने बताया कि व्यापारियों को स्वेच्छा से पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। छोटे व्यापारियों को योजनाओं का लाभ मिल सके। इसलिए पंजीकरण जरूरी है। यह अभियान 15 दिसंबर तक चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो भी व्यापार कर रहा है। वह पंजीकरण अवश्य करा लें।

Posted By: Jagran

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