कछौना (हरदोई): बालामऊ रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव कुकुही निवासी रेशम ¨सह उर्फ ¨बदू पुत्र राम ¨सह किसान के बेटे ने नेपाल में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता गोल्ड जीतने के बाद मंगलवार को घर लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।

एक किसान ने बेटे ने यह साबित कर दिखाया है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रतिभाएं छिपी होती है। जरूरत है उन्हें तरासने की त्याग व लग्न ने साबित कर दिया कि कोई कार्य आसान नही होता। श्री ¨सह बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही खेलकूद में रुचि थी। कस्बे के एलबीपी कान्वेंट स्कूल से प्राथमिक शिक्षा लेने के बाद अपने चाचा सुरजीत ¨सह से कुश्ती के दांव पेंच सीखे व उसके बाद स्पोर्ट स्टेडियम हरदोई में प्रवेश लेकर तत्कालीन जिला क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना से दांव पेंच सीखे। इसके बाद केड़ी ¨सह बाबू स्पोर्ट अकादमी लखनऊ में दाखिला कराया। जहां कोच पहलवान सुरजीत ¨सह ,राजस्थान से दांव पेंच सीखे। हाल ही में नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में भारत की ओर से कुश्ती लड़ी और परचम लहराकर गोल्ड मेडल जीता। श्री ¨सह गोल्ड मेडल का पूरा श्रेय अपने गुरु व माता-पिता को देते हैं। रेशम की जीत ने देश, प्रदेश ,जिला तहसील व गांव का नाम रोशन किया है। उनका स्वागत करने के लिए निर्भय ¨सह, गुलजार ¨सह, पूर्व नगर अध्यक्ष पति गोल्डी, रणजीत ¨सह सहित सैकड़ों लोगों ने गर्म जोसी से स्वागत किया। कोतवाल जावेद अहमद ने भी घर जाकर राष्ट्रीय खिलाड़ी को गोल्ड जितने पर बधाई दी।

Posted By: Jagran

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