हरियावां (हरदोई) : पुरानी रंजिश में शुक्रवार को मारपीट में घायल मजदूर की उपचार के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। कार्रवाई न होने से नाराज स्वजन ने रविवार को शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। काफी देर हंगामा चलता रहा, सीओ ने समझा बुझाकर उन्हें शांत किया।

क्षेत्र के ग्राम उचवल निवासी कमलेश मजदूरी करते थे। पिता रामचंद्र ने बताया कि गांव निवासी रक्षपाल से पुरानी रंजिश चल रही है। 30 जुलाई की सुबह पुत्र कमलेश मजदूरी करने के लिए जा रहा था। उसी समय रक्षपाल सहित चार लोगों ने उसे पकड़ लिया और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में शनिवार शाम को उसकी मौत हो गई। रविवार की सुबह परिवारजन ने मंसूरगनर-बेहटागोकुल मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। स्वजन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं की। सूचना पर थाना प्रभारी अरविद सिंह मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन स्वजन नहीं माने। इसके बाद सीओ हरियावां शिवराम कुशवाहा ने स्वजन को हत्यारोपितों पर कड़ी कार्रवाई और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया, जिससे स्वजन शांत हुए और शव को सड़क से हटाया। पुलिस की मौजूदगी में स्वजन ने शव का अंतिम संस्कार किया। वहीं तहरीर के आधार पर पुलिस ने रक्षपाल, भरोसे, धर्मपाल और अखिलेश पर 30 जुलाई को मारपीट की एफआइआर दर्ज की थी। रविवार को पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

वृद्धा समेत दो के फंदे पर लटकते मिले शव- बेहटागोकुल-कोथावां : अलग-अलग क्षेत्र में वृद्धा समेत दो लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी।

बेहटागोकुल क्षेत्र के सिरोमननगर निवासी राहुल त्रिवेदी बीमार रहते थे। स्वजन ने बताया कि राहुल का इलाज चल रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा था। रविवार दोपहर राहुल ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी।

बेनीगंज क्षेत्र के ग्राम अईमा निवासी शांती अपने दो पुत्रों से अलग रहती थीं। छोटे पुत्र संतोष ने बताया कि मां बीमार रहती थी और उनका इलाज भी चल रहा था। रविवार दोपहर मां ने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी, जब वह कमरे में गया तो मां का शव फंदे पर लटक रहा था।

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