हरदोई : नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि का पूजन किया गया। मां कालरात्रि अकाल मृत्यु से अपने भक्तों को बचाती हैं।

वासंतिक नवरात्र के सातवें दिन जगदंबा के स्वरूप में संहार की शक्ति मां कालरात्रि का पूजन करने का विधान है। आचार्य उमाकांत अवस्थी के अनुसार काल का विनाश करने की शक्ति के कारण इन्हें कालरात्रि कहा गया है। मान्यता है कि कालरात्रि अकाल मृत्यु से बचाने वाली और भय-बाधाओं का नाश करने वाली हैं। देवी दुष्टों का भी संहार करती हैं। देवी का स्वरूप भयमुक्त होकर ईश्वर में विश्वास रखते हुए कर्म का संदेश देता है।

शुक्रवार को सुबह से ही मां श्रवण देवी मंदिर, मां दुर्गा देवी, मां मनसा देवी मंदिर, मां फूलमती देवी मंदिर, मां इंद्राक्षी देवी मंदिर, मां कालिका देवी मंदिर, पीला मंदिर, श्रीरामजानकी मंदिर, श्री शिवभोले मंदिर, बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर सहित सभी मंदिरों में सुबह से ही देवी पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। दोपहर बाद महिलाओं के द्वारा देवी गीत गाए गए।

Posted By: Jagran