नारियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश, हरदोई की सड़कों पर उतरीं छात्राएं
हरदोई में मिशन शक्ति 6.0 का शुभारंभ हुआ, जिसमें छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश ...और पढ़ें
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HighLights
मिशन शक्ति 6.0 हरदोई में, सुरक्षा-सम्मान-स्वावलंबन का संदेश।
छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों ने निकाली सशक्तिकरण जागरूकता रैली।
महिलाओं को कानूनी अधिकार, सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
जागरण संवाददाता, हरदोई। बेटियां न डरेंगी, न अन्याय सहेंगी। अपने अधिकार पहचानेंगी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगी। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का यही संदेश लेकर सोमवार को छात्राएं और महिला पुलिसकर्मी सड़कों पर उतरीं। हाथों में जागरूकता के संदेश और मन में सशक्त समाज का संकल्प। पुलिस लाइन से निकली रैली ने बेटियों को निर्भीक होकर आगे बढ़ने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा दी। अवसर था मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के शुभारंभ का।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। अब जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा के उपाय, कानूनी अधिकार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री रजनी तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, जिलाधिकारी राहुल पांडेय और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा की मौजूदगी में मिशन शक्ति फेज-6.0 का शुभारंभ हुआ।
महिला पुलिसकर्मियों और छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर नारी सुरक्षा, सम्मान और लैंगिक समानता का संदेश दिया। अभियान के तहत मिशन शक्ति टीमें विद्यालयों, महाविद्यालयों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और गांवों में पहुंचेंगी। महिलाओं और बेटियों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ सुरक्षा और स्वावलंबन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देंगी। उन्हें बताया जाएगा कि छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न अथवा साइबर अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय शिकायत दर्ज कराएं।
महिलाओं को वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस सहायता 112, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने सभी थाना प्रभारियों और मिशन शक्ति टीमों को महिलाओं की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षण संस्थानों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। अभियान का उद्देश्य बेटियों को केवल सुरक्षा का भरोसा दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें इतना जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना है कि वे अपने अधिकारों के लिए स्वयं आवाज उठा सकें।
