करवा चौथ की रौनक: कश्मीरी, जेल और 'वन बाई वन' चूड़ियों का छाया जादू, हरदोई के बाजारों में उमड़ी भीड़
करवा चौथ के लिए हरदोई के बाजारों में कश्मीरी, जेल और 'वन बाई वन' चूड़ियों का जादू छाया हुआ है, ...और पढ़ें
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HighLights
कश्मीरी, जेल और 'वन बाई वन' चूड़ियों का बढ़ा क्रेज।
करवा चौथ के लिए हरदोई के बाजारों में उमड़ी भीड़।
पारंपरिक लाल, हरे के साथ सुनहरी चूड़ियों की भी मांग।
जागरण संवाददाता, हरदोई। कलाई में खनकती चूड़ियां, हाथों में रची मेहंदी और माथे पर सजी बिंदिया। सुहागिनों के सोलह श्रृंगार की बात हो और चूड़ियों का जिक्र न आए, ऐसा कैसे हो सकता है। करवा चौथ पर सजने-संवरने की तैयारियों के बीच इस बार चूड़ियों की खनक कुछ अलग ही रंग बिखेर रही है। बाजार में परंपरागत लाल, हरी और सुनहरी चूड़ियों के साथ कश्मीरी, जेल और वन बाई वन चूड़ियों का जादू छाया है।
किसी को कश्मीरी चूड़ियों की खूबसूरत बनावट भा रही है तो कोई जेल चूड़ियों की चमक पर फिदा है। वहीं, वन बाई वन चूड़ियों का अलग अंदाज महिलाओं को आकर्षित कर रहा है। करवा चौथ नजदीक आते ही चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी है। हर कोई अपनी साड़ी और लहंगे से मेल खाती चूड़ियों के चयन में जुटा है।
सिनेमा मार्ग हो या फिर बड़ा चौराहा या बजरिया और रेलवेगंज। सभी प्रमुख बाजारों में करवा चौथ की तैयारियों का उत्साह दिखाई देने लगा है। सुहाग के प्रतीक चूड़ियों की दुकानों पर रंगों और डिजाइनों की भरमार है। दुकानदारों ने भी महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए नए डिजाइन की चूड़ियां सजाई हैं। इस बार कश्मीरी चूड़ियां अपनी आकर्षक बनावट के कारण पसंद की जा रही हैं। जेल चूड़ियों की चमक और खूबसूरत रंग महिलाओं को लुभा रहे हैं।
वहीं, वन बाई वन चूड़ियां अलग-अलग रंगों और डिजाइन के मेल से कलाई की शोभा बढ़ा रही हैं। करवा चौथ पर लाल और हरे रंग की चूड़ियों का पारंपरिक महत्व बना हुआ है। इनके साथ सुनहरे रंग का मेल भी पसंद किया जा रहा है। महिलाएं अपनी पोशाक के अनुसार चूड़ियों के सेट तैयार करा रही हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ दुकानदारों को बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। चूड़ियों की खनक से बाजार में करवा चौथ का उल्लास घुलने लगा है।
