हरदोई में सरकारी गेहूं खरीद में गड़बड़ी, बिचौलियों की 488 बोरियां बरामद
हरदोई की नवीन गल्ला मंडी में एसडीएम के छापे में सरकारी गेहूं खरीद में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। बिचौलिए ...और पढ़ें

सरकारी गेहूं खरीद में गड़बड़ी।
HighLights
एसडीएम ने हरदोई मंडी में गेहूं खरीद पर छापा मारा।
बिचौलियों से 488 सरकारी बोरियां गेहूं की बरामद।
किसानों से सस्ता खरीदकर सरकारी केंद्रों पर बेच रहे थे।
जागरण संवाददाता, हरदोई। नवीन गल्ला मंडी परिसर में बिचौलियों की दबंगई और कथित मिलीभगत ने सरकारी गेहूं खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडी परिषद सचिव कार्यालय के ठीक सामने खुलेआम किसानों से सस्ते दामों पर गेहूं खरीदकर उसे सरकारी बोरियों में भरकर क्रय केंद्रों पर भेजने का खेल चल रहा था। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब एसडीएम सदर मयंक कुंडू ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा।
मंडी परिसर में लंबे समय से चल रहे इस खेल में बिचौलिए बेखौफ होकर निजी गेहूं को सरकारी बोरियों में भरकर सरकारी खरीद के रूप में दर्शाने का काम कर रहे थे। खास बात यह रही कि यह सब कुछ मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यालय के ठीक सामने हो रहा था, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय स्तर पर अफसरों और बिचौलियों की मिलीभगत से भी इन्कार नहीं किया जा रहा है। एसडीएम के छापे के दौरान मंडी में अलग-अलग स्थानों पर 488 सरकारी बोरियों में भरा हुआ गेहूं बरामद किया गया। इनमें से कई बोरियों पर पीसीएफ क्रय एजेंसी का नाम अंकित था।
कार्रवाई के दौरान जब्त की गई बोरियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए, लेकिन मौके पर मौजूद पल्लेदारों ने हाथ खड़े कर दिए। बाद में विभिन्न क्रय केंद्रों पर कार्यरत पल्लेदारों को बुलाकर उनके माध्यम से बोरियों को सुरक्षित कराया गया। छापे की इस कार्रवाई से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया और बिचौलिए मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि किसानों से कम कीमत पर गेहूं खरीदकर उसे सरकारी बोरियों में भरकर क्रय केंद्रों तक पहुंचाया जाता था, जिससे बिचौलियों को प्रति क्विंटल दाम का अंतर लाभ के रूप में मिलता था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी बोरियां आखिर बिचौलियों तक कैसे पहुंचीं और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
क्या यह सब बिना संरक्षण के संभव था या फिर व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी चूक और मिलीभगत रही है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
किसानों का गेहूं स्वयं खरीदकर सरकारी केंद्रों पर खपाने का काम कर रहे बिचौलिए
सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर 2585 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। वहीं बाजार में 2440 रुपये प्रति क्विंटल के करीब गेहूं का भाव चल रहा है। सरकारी केंद्रों और बाजार में गेहूं के भाव में 145 रुपये का अंतर है। इस अंतर के चलते बिचौलिए हावी हैं।
आढ़तियों के माध्यम से बिचौलिए किसानों का गेहूं खरीद कर सरकारी क्रय केंद्रों पर खपाने का काम कर रहे हैं। यह खेल खुलेआम खेला जा रहा है। इस पर खरीद से जुड़े अधिकारियों की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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