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हरदोई में सपा नेता शराफत अली का विवादित बयान, महिला जिला पंचायत अध्यक्ष पर की जातिसूचक टिप्पणी

Published: Thu, 01 Oct 2026 01:31 AM (GMT+05:30)

हरदोई में सपा नेता शराफत अली ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा पर आरक्षण को लेकर विवादित टिप्पणी की, ...और पढ़ें

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HighLights

  1. शराफत अली ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पर विवादित टिप्पणी की।

  2. प्रेमावती ने बयान को अपमानजनक बताया, कानूनी कार्रवाई की बात कही।

  3. भाजपा नेताओं ने भी सपा नेता के बयान का कड़ा विरोध किया।

जागरण संवाददाता, हरदोई। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा को लेकर की गई टिप्पणी से हरदोई की सियासत गरमा गई है। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पीडीए सम्मेलन में आरक्षण का जिक्र करते हुए शराफत अली ने कहा कि यदि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने आरक्षण में संशोधन नहीं किया होता तो प्रेमावती आज जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठी होतीं, बल्कि धोबी घाट पर कपड़े साफ कर रही होतीं।

उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। शराफत अली की टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं ने विरोध जताया है। विवाद इस बात को लेकर भी बढ़ा है कि टिप्पणी में एक महिला जनप्रतिनिधि की सामाजिक पृष्ठभूमि को उसके राजनीतिक पद और आरक्षण से जोड़कर निशाना बनाया गया।

विवादित बयान पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने भी कभी उनके साथ ऐसे अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। प्रेमावती ने अपने संघर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि परिवार ने उन्हें पढ़ाया-लिखाया और शिक्षक बनाया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा।

प्रेमावती ने कहा कि राजनीति में आने के बाद इस तरह की टिप्पणी सुनना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने आरक्षण को किसी व्यक्ति विशेष की देन नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था बताया। साथ ही शराफत अली के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने और मुकदमा करने का ऐलान किया।

सपा नेता शराफत अली का यह बयान अब जिले की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। पीडीए सम्मेलन के मंच से दिए गए बयान के बाद जहां प्रेमावती ने कानूनी कार्रवाई की बात कही है, वहीं भाजपा नेताओं को भी सपा पर हमला बोलने का मुद्दा मिल गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस शिकायत और राजनीतिक विरोध के बाद विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

पहले भी विवादों में रहे शराफत अली, फिर सामने आया बयान
हरदोई में शराफत अली की बयानबाजी को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले सपा की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में भी वह विवादों में घिरे थे। जून में पार्टी ने शराफत अली को जिलाध्यक्ष पद से हटाते हुए जिला कार्यकारिणी भंग कर दी थी।

इसके बाद जिले में नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका। राजनीतिक गतिविधियां चलती रहीं, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर बदलाव नहीं हुआ। अब इसी बीच जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा को लेकर शराफत अली का एक और बयान सामने आया है, जिसने स्थानीय सियासत को फिर गरमा दिया है।

पीडीए सम्मेलन में दिए गए बयान का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने विरोध शुरू कर दिया है और प्रेमावती ने पुलिस में शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। ऐसे में पुराना विवाद खत्म होने से पहले नया बयान चर्चा में आ गया है।

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