हरदोई में कच्ची छत ने छीनीं दो जिंदगियां, पिता के बाद घायल बेटी की भी थमी सांसें
हरदोई में बारिश के कारण झोपड़ी ढहने से पहले पिता महबूब और फिर 18 माह की बेटी निशा की मौत हो गई। पत्नी नफीसा अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
हरदोई में बारिश से झोपड़ी ढहने की घटना।
मलबे में दबकर पिता-बेटी की दर्दनाक मौत हुई।
घायल मां का अभी भी अस्पताल में इलाज जारी।
जागरण संवाददाता, हरदोई। सोमवार रात झोपड़ी ढहने से मलबे में दबकर युवक की मौत होने के बाद घायल बेटी की भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सांसें थम गईं। जबकि उसकी पत्नी का अभी उपचार चल रहा है। देहात कोतवाली के ग्राम बंदरहिया बंजारनपुरवा के महबूब झोपड़ी डालकर परिवार के साथ रहते थे। स्वजन के अनुसार दो वर्ष पहले आवास के लिए आवेदन भी किया था,लेकिन आवास नहीं मिल सका था।
सोमवार रात बारिश के चलतेे महबूब अपनी पत्नी नफीसा और 18 माह की बेटी के निशा के साथ झोपड़ी के अंदर सो रहे थे। जबकि बड़ा बेटा रजा हुसैन,बेटी खैरुनिंशा लघुशंका के लिए बाहर गई थी। इसी दौरान झोपड़ी ढहने से मलबे में दबकर महबूब की मौत हो गई थी। पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर घायल मां-बेटी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची को सर्जिकल वार्ड से पीआईसीयू वार्ड रेफर किया गया था। चिकित्सक के अनुसार अधिक खून बहने के कारण बच्ची की हालत गंभीर बनी थी। उपचार के बाद फिर उसे सर्जिकल वॉर्ड भेज दिया गया था। देर रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। स्वजन शव लेकर घर चले गए। जबकि उसकी मां उपचार चल रहा है। पिता-पुत्री की मौत से घर में कोहराम मचा है।
