हरदोई : सामाजिक वानिकी वन्य जंतु एवं वन प्रभाग के प्रभागीय निदेशक राकेश चंद्रा ने कहा कि वातावरण की शुद्धता में वन्य जीव-जंतुओं का बड़ा महत्व है। वन्य जीव-जंतुओं के महत्व एवं सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक होना होगा और विलुप्त हो रही जीव-जंतुओं की प्रजाति को संरक्षित करना होगा। मक्खी परागकणों की सबसे बड़ी संवाहक है।

डीएफओ राकेश चंद्रा ने मंगलवार को बाल विहार मांटेसरी स्कूल में वन्य प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया। चित्रकला एवं पौधारोपण प्रतियोगिता का अवलोकन किया और विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कहा कि वन्य जीव-जंतुओं में गिद्ध ऐसा प्राणी है जो प्राकृतिक रूप से वातावरण का स्वच्छकार है। लोगों ने मृत पशुओं के निस्तारण में दवाओं आदि के प्रयोग से गिद्ध को नुकसान पहुंचाया और गिद्ध विलुप्त श्रेणी में आ गया है। ऐसे ही अन्य भी कई जीव-जंतु हैं, जिन्हें संरक्षण की आवश्यकता है।

कहा कि सरकार के साथ ही लोगों को भी जीव-जंतुओं की सुरक्षा के लिए आगे आना होगा। पौधारोपण, जल संरक्षण एवं दलदली भूमि को संरक्षित करना होगा। ताकि जीव-जंतुओं को रहने का ठिकाना मिलता रहे और वह अपना कुनबा बढ़ाते रहें। क्षेत्रीय वनाधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने संचालन एवं आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधक अतुल अग्रवाल, अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, रमेश चंद्र गुप्ता, निदेशक रंजना सिंह, प्रधानाध्यापक कल्पना मिश्रा आदि शिक्षक एवं छात्र मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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