हरदोई : बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बीमारियों के बढ़ते प्रकोप से हाहाकार मचा है। चारपाइयों पर पड़े मरीज पस्त है। सरकारी व्यवस्था की संवेदनहीनता के चलते झोलाछाप चिकित्सक रोगियों के तारनहार बने हैं।

अरवल थाना क्षेत्र में नगला साहसी, मंसूरपुर, लालपुर, जसमई, बरगदापुरवा सहित दर्जन भर ग्रामों में बुखार, जुकाम, डिहाइड्रेशन, पैर सड़ने के चर्मरोग, मलेरिया आदि संचारी रोगों से पीड़ितों की संख्या सैकड़ा से ऊपर है। उक्त ग्राम सांडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में आज तक कोई मेडिकल टीम नहीं आती है। अरवल थाना क्षेत्र में गंगा और रामगंगा के मध्य के ग्राम बेहटा लाखी, खजुरियापुरवा, सिसैयापुरवा, पतारपुरवा, शहाबुदीनपुर सहित दो दर्जन ग्राम विषम भौगोलिक परिस्थिति में बसे हैं, जहां बाढ़ समाप्त होने के बाद भी नाव से ही पहुंचना संभव है। यह क्षेत्र हरपालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। बेहटा लाखी प्रधान आनंद यादव का कहना है कि इस क्षेत्र में कोई ऐसा गांव व मजरा नहीं है जहां 10-20 लोग बुखार से पीड़ित न हो। बकौल प्रधान इस पूरे क्षेत्र में आज तक कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची है। जगह-जगह गड्ढों में भरे पानी में मच्छरों की भरमार है। मच्छरों के प्रकोप व दूषित पानी पीने से बीमारों की संख्या बढ़ रही है। ग्राम पंचायत सरेसर के प्रधान देवेश त्रिपाठी ने बताया कि उनकी ग्राम सभा में लगभग 50 लोग बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन आज तक कोई मेडिकल टीम नहीं आई।

Posted By: Jagran