माधौगंज (हरदोई): हीरालाल को नहीं पता था कि उसका मौसेरा भाई बेटी के शादी न करने पर उसके खून का प्यासा हो जाएगा। 15 जुलाई को पंचायत में विजय ने लिखित रूप से दिया था कि वह अब रोशनी को परेशान नहीं करेगा, लेकिन किसी को क्या पता था कि वह उसकी जान ही ले लेगा। घटना के बाद से पूरा परिवार बदहवास है।

क्षेत्र के धर्मपुर तकिया निवासी हीरालाल खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने तो विजय को संरक्षक मानते हुए रोशनी को दिल्ली काम के लिए भेज दिया था, पर विजय उसे कुछ और ही समझ बैठा। हीरालाल ने बताया कि विजय मौसेरा भाई था तो घर भी आता जाता था, लेकिन बेटी को ज्यादा परेशान करने पर एक दिन उन्होंने उसका मोबाइल तोड़ दिया था। हालांकि बाद में पंचायत बैठाई गई और सभी ने कहा कि रोशनी अगर मना कर देगी तो विजय उसे परेशान नहीं करेगा। रोशनी से पंचायत में विजय से शादी से मना कर दिया था। सभी के कहने पर हीरालाल ने मोबाइल के 5500 रुपये भी उसे दे दिए थे और उन्होंने समझा कि मामला खत्म हो गया पर उन्हें क्या पता था कि विजय सब कुछ ही खत्म कर देगा। भाई ने फोन कर किया था आगाह

शनिवार को अचानक विजय के घर से चाकू लेकर निकलने पर उसके भाई विपिन ने हीरालाल को फोन कर होशियार रहने के लिए कहा था। उन्होंने बताया था कि विजय अपने साथियों के साथ घर से निकला है। हीरालाल ने बताया कि उन्हें जरा सा भी अंदेशा नहीं था कि विजय ऐसा कुछ कर देगा।

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