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एंटीबायोटिक का अंधाधुंध इस्तेमाल आपको कर सकता है बेहाल, बिना सलाह उपयोग बन रहा गंभीर खतरा

Published: Sun, 08 Feb 2026 07:43 PM (IST)

हरदोई के चिकित्सकों ने बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक के अंधाधुंध उपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बिना डॉक्टरी सलाह एंटीबायोटिक से रेजिस्टेंस बढ़ता है।

  2. सामान्य संक्रमण भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

  3. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक जोखिम।

जागरण संवाददाता, हरदोई। आजकल छोटी-छोटी बीमारियों में भी बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक लेने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि एंटीबायोटिक का गलत और अनावश्यक उपयोग भविष्य में बड़ी बीमारियों को जन्म दे सकता है।

बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक का सेवन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। डाक्टरों के अनुसार सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण जैसी सामान्य बीमारियों में लोग स्वयं एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं, जबकि अधिकांश मामलों में इसकी आवश्यकता नहीं होती। इससे शरीर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस विकसित हो जाता है, जिससे दवाएं धीरे-धीरे असर करना बंद कर देती हैं।

जानलेवा साबित हो सकता साधारण संक्रमण

परिणामस्वरूप साधारण संक्रमण भी जानलेवा साबित हो सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि एंटीबायोटिक का अधिक प्रयोग शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। इसके साथ ही पेट संबंधी समस्याएं, एलर्जी, लीवर और किडनी पर दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं।

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बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में इसका असर अधिक गंभीर हो सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि एंटीबायोटिक का सेवन केवल डाक्टर की सलाह और निर्धारित अवधि तक ही करें, ताकि इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

बच्चों में एंटीबायोटिक का अधिक प्रयोग उनकी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। इससे बार-बार बीमार पड़ने की समस्या बढ़ जाती है। बच्चों में डायरिया, एलर्जी, पेट दर्द और पोषण अवशोषण में कमी देखी जाती है। भविष्य में संक्रमण होने पर दवाओं का असर कम हो सकता है, इसलिए बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक न दें। - डा अमित मिश्रा:-बाल रोग विशेषज्ञ

एंटीबायोटिक का अत्यधिक प्रयोग शरीर में बैक्टीरिया रेजिस्टेंस पैदा करता है, जिससे भविष्य में दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। इससे साधारण संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकता है। बिना जांच और डाक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना लीवर, किडनी और आंतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए एंटीबायोटिक का प्रयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर ही करना चाहिए। - डा. विमलेश पटेल , फिजीशियन

एंटीबायोटिक को हर बुखार या सर्दी-खांसी की दवा समझ लेना गलत है। अधिकतर वायरल बीमारियों में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। इसके गलत प्रयोग से पेट संबंधी समस्याएं, एलर्जी और इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। लंबे समय तक इसका सेवन शरीर के प्राकृतिक बैक्टीरिया को भी नष्ट कर देता है, जो सेहत के लिए जरूरी होते हैं। -डा. अजय सिंह , फिजीशियन

महिलाओं में एंटीबायोटिक के अधिक प्रयोग से हार्मोनल असंतुलन, फंगल इंफेक्शन और यूरिन संक्रमण की समस्या बढ़ सकती है। गर्भावस्था के दौरान बिना परामर्श एंटीबायोटिक लेना मां और शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक सेवन से कमजोरी, एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें भी हो सकती हैं। -डा. प्रतीक्षा कटियार, महिला रोग विशेषज्ञ