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मसूद अजहर का फैन और क्रिप्टो से आतंकी फंडिंग.. UP ATS ने हापुड़ से दबोचा जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध

Published: Mon, 17 Aug 2026 05:15 PM (IST)Updated: Mon, 17 Aug 2026 05:52 PM (IST)

यूपी एटीएस ने हापुड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। उस पर मदरसों के ...और पढ़ें

संदिग्ध आतंकी को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया। फोटो- AI जनरेटेड

संदिग्ध आतंकी को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया। फोटो- AI जनरेटेड

जागरण संवाददाता, हापुड़। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी एटीएस) ने देशविरोधी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है।

बिहार के रहने वाले 24 वर्षीय जफर पर आरोप है कि वह मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा जुटाकर उसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाता था। एटीएस के अनुसार, आरोपित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की विचारधारा से प्रभावित था और युवाओं को हिंसक जिहाद के लिए उकसाने वाली सामग्री भी प्रसारित करता था।

एटीएस ने शुक्रवार को आरोपित को हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर स्थित एक मस्जिद से हिरासत में लिया था। इसके बाद टीम ने उससे गहन पूछताछ की। पूछताछ और जांच में उसके जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने तथा पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में रहने की जानकारी सामने आई।

मदरसे के नाम पर जुटाता था चंदा

एटीएस के मुताबिक, आरोपित धार्मिक शिक्षा और मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा एकत्र करता था। जांच में आशंका सामने आई कि इस रकम का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। खुफिया इनपुट के आधार पर एटीएस ने आरोपित की गतिविधियों और उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की निगरानी की, जिसके बाद उसकी पहचान मोहम्मद जफर के रूप में हुई।

जफर मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के गांव मीरगंज का रहने वाला है। वह पूर्व में मेरठ के एक मदरसे में रहकर पढ़ाई कर चुका है। एटीएस के अनुसार, इसी दौरान वह जिहाद और मुजाहिदों से संबंधित कट्टरपंथी सामग्री के संपर्क में आया और बाद में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की तकरीरों से प्रभावित हुआ।

Hapur

फेसबुक और व्हाट्सएप से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े जिहादी ग्रुपों में शामिल हुआ था। इसके बाद वह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में आया। एटीएस के मुताबिक, आरोपित ने खुद आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद देने की पेशकश की थी।

शुरुआत में पाकिस्तान के बैंक खाते में सीधे रकम भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कथित तौर पर हैंडलर्स के निर्देश पर बाइनेंस अकाउंट के जरिए USDT क्रिप्टोकरेंसी में कई बार फंडिंग भेजी गई।

चेहरा ढककर जारी करता था वीडियो

एटीएस के अनुसार, आरोपित सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर वीडियो और बयान जारी करता था। इन वीडियो में वह खिलाफत और हिंसक जिहाद से जुड़ी विचारधारा का प्रचार करता था। उसके मोबाइल फोन की जांच में कई पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप और आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।

UAPA समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा

यूपी एटीएस ने 16 अगस्त 2026 को आरोपित को गिरफ्तार कर मुकदमा अपराध संख्या 13/2026 दर्ज किया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 61(2) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और 38 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपित को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एटीएस अब आरोपित के संपर्क में रहे अन्य लोगों, पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और आतंकी फंडिंग के पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपित ने अब तक कितनी रकम जुटाई और किन-किन माध्यमों से उसे आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाया।

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