जागरण संवाददाता, हापुड़:

कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीपुरा निवासी एक व्यक्ति की पांच वर्षीय मासूम बच्ची की बीमारी के कारण मौत हो गई। गांव स्थित श्मशान में जलभराव होने के कारण बच्ची का अंतिम संस्कार न कर पाने के कारण परिजन ने हंगामा कर दिया। परिजन ने ग्राम प्रधान पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया। इसके बाद गमगीन माहौल में बच्ची के शव को दफनाया गया।

गांव जोगीपुरा निवासी बंटी उर्फ टीटू मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी पांच पुत्री अनुष्का का मंगलवार को काफी दिनों से हो रही बीमारी के कारण मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका के परिजन और ग्रामीण बच्ची का शव दफनाने के लिए श्मशान में पहुंचे। श्मशान में जलभराव होने के कारण बच्ची के शव को दफनाने की जगह नहीं मिली। इस पर परिजन ने हंगामा करना शुरू कर दिया। छोटे बच्चों का दाह संस्कार करने के बजाय उन्हें दफनाने की परंपरा है। इस कारण यह समस्या पैदा हुई।

गांव में हंगामा होने की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराया। परिजन ने पुलिस को बताया कि श्मशान में गांव का गंदा पानी जाने के कारण वहां शव दफनाने के लिए भी जगह नहीं बची है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लापरवाही बरतने और मनमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि श्मशान में जलभराव की समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने शमशान में बच्ची के शव को दफना दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह ने बताया कि समय रहते हालात पर काबू पा लिया गया था। गांव की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

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--क्या बोले ग्रामीण

गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए कोई सुविधा नहीं है। इस कारण पिछले कई वर्ष से गांव का गंदा पानी श्मशान की भूमि में जा रहा है। श्मशान में जलभराव होने के कारण शव दफनाने के लिए जगह नहीं बची है। --मन्नवर अली

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गांव में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। गांव के अधिकतर नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। गांव के गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी श्मशान की भूमि में जमा हो रहा है। इस कारण वहां शव दफनाना तो दूर, वहां तक पहुंच पाना भी मुश्किल है। पड़ोसी गांव अहमदनगर का पानी भी इसी भूमि में डाला जा रहा है। --जगशरण -------- सरकार प्रत्येक गांवों में श्मशान का नवीनीकरण कराने के लिए मदद प्रदान कर रही है। इसके बावजूद भी गांव के लोगों को मासूम बच्चों का शव को दफनाने के लिए दो गज जगह भी नहीं मिल पा रही है। गांव का श्मशान तालाब में तब्दील हो चुका है। लगातार शिकायतों के बाद भी गांव प्रधान ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। --फुरकान अली

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गांव प्रधान को फोन कर बच्ची की मौत की सूचना दी गई थी। बच्चों का दफनाने वाले श्मशान की भूमि में जलभराव होने की शिकायत करने पर ग्राम प्रधान ने कहीं अन्य स्थान पर शव दफनाने को कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने बताया कि गांव की समस्या की अधिकारियों से शिकायत की जाएगी। --संदीप कुमार

----------- --क्या बोले ग्राम प्रधान

गांव में बच्चों को दफनाए जाने वाले श्मशान में जलभराव की समस्या है। कई बार इस समस्या की शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह इस समस्या को गंभीरता से उठाकर जल्द ही इसका निस्तारण कराएंगे। --साहिब अली, ग्राम प्रधान, जोगीपुरा

Posted By: Jagran

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