- राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बनना है बस अड्डा

- कई सालों से चल रही कवायद

राम मोहन शर्मा, ब्रजघाट:

ब्रजघाट गंगानगरी में हवाई अड्डे की तर्ज पर बनाए जाने वाले अंतर्राज्यीय बस अड्डे की फाइल को कोरोना ने अपने बोझ से दबा दिया है। जिससे इस वित्तीय वर्ष में भी बस अड्डे का निर्माण कार्य प्रारंभ हो पाना अब आसान नहीं लग रहा है।

उत्तराखंड राज्य का गठन होने के बाद से ब्रजघाट गंगानगरी को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित कराने की कवायद दो दशकों से होती आ रही है। जिसे वर्तमान सरकार ने भी अपनी उच्च प्राथमिकता में शामिल किया हुआ है। देश के सबसे बड़े राज्य की सत्ता संभालने के महज तीन माह बाद ही मुख्यमंत्री योगी ने पांच जुलाई 2017 को ब्रजघाट एवं 22 नवंबर 2018 को गढ़ खादर मेला स्थल पर जनसभा की थी। जिनमें गंगानगरी के चहुंमुखी विकास से जुड़ीं कई अहम घोषणा की गई थीं। इस दौरान वैदिक सिटी, ईको टूरिज्म सेंटर, ऋषिकेश की तर्ज पर गंगा की जलधारा में झूलता हुआ पुल, तिगरी धाम से गढ़ खादर को जोड़ने के लिए गंगा के ऊपर पुल बनवाने जैसी कई घोषणा की जा चुकी हैं। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत विभिन्न प्रांतों से धार्मिक अनुष्ठान करने आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में होने वाली दिक्कतों को दूर करने के उद्देश्य से पीपीपी माडल की तर्ज पर नेशनल हाइवे किनारे ब्रजघाट गंगानगरी में अंतर्राज्यीय बस अड्डे के निर्माण को हरी झंडी दी गई थी। जिसका निर्माण कार्य गत वर्ष में प्रारंभ होना प्रस्तावित था, जिसमें इस साल बसों का संचालन भी प्रारंभ कराया जाना था। परंतु, वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना संक्रमण ने ब्रजघाट गंगानगरी में एयरपोर्ट की तर्ज पर बनने वाले पीपीपी माडल वाले अंतर्राज्यीय बस अड्डे की सारी कवायद को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। लगातार दूसरे वर्ष भी कोरोना के कारण बस अड्डे की कोई कवायद आगे नहीं बढ़ पाई है।

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परिवहन निगम की भूमि पर लगी है माफियाओं की नजर -

ब्रजघाट गंगानगरी में दिल्ली लखनऊ नेशनल हाइवे किनारे उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्वामित्व वाली चौरासी बीघा जमीन बेशकीमती है। जिसके खाली होने से माफिया प्रवृत्ति के लोग इस बेशकीमती जमीन पर कई सालों से अवैध कब्जा जमाने का प्रयास करते आ रहे हैं। जिसे देखते हुए विभागीय स्तर से पैमाइश कराने के उपरांत जमीन को कब्जे में लेकर उसमें अंतर्राज्यीय बस अड्डा बनवाने की योजना तैयार की गई है।

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क्या है पीपीपी माडल -

योगी सरकार ने ब्रजघाट गंगानगरी में हाइवे किनारे पीपीपी माडल की तर्ज पर लखनऊ के आलमबाग बस टर्मिनल की तरह अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण कराने की योजना तैयार कराई हुई है। पीपीपी माडल के अंतर्गत सरकार किसी निजी संस्था से इसका निर्माण कराएगी, जो बसों से शुल्क वसूल कर निर्माण कार्य में खर्च होने वाली धनराशि की भरपाई करेगी।

---- क्या कहते हैं क्षेत्रीय विधायक और अधिकारी -

विधायक कमल मलिक का कहना है कि लगातार दूसरे वर्ष भी कोरोना महामारी के कारण पीपीपी माडल वाले अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण चालू नहीं हो पाया है। परंतु ब्रजघाट गंगानगरी को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित कराना योगी सरकार की उच्च प्राथमिकता में शामिल होने के कारण स्थिति सामान्य होते ही अड्डे का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।

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ब्रजघाट के पास नेशनल हाईवे किनारे स्थित राज्य सड़क परिवहन निगम की 84 बीघा भूमि में अंतर्राज्यीय बस अड्डा बनाया जाना प्रस्तावित है।

- अरविद कुमार द्विवेदी, एसडीएम

Edited By: Jagran